
नईदिल्ली, २९ अगस्त । भोपाल, राज्य ब्यूरो। मध्य प्रदेश में भाजपा मैदानी हकीकत का सात दिन तक अध्ययन करने के बाद अब चार राज्यों के प्रवासी विधायक केंद्रीय नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रवासी विधायकों ने विधानसभा सीटों की नब्ज टटोलने के साथ ही पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया है। अन्य राज्यों के विधायकों ने पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों के साथ बैठकें कर चुनावी रणनीति तैयार की। साथ ही भाजपा की ही सरकार क्यों जरूरी है, पार्टी कार्यकर्ताओं को इसके बारे में भी समझाया है। अब कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में जनता को भाजपा की आवश्यकताओं से अवगत कराकर पार्टी के पक्ष में करने का प्रयास करेंगे।बता दें कि 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार राज्य के भाजपा विधायकों को भोपाल में एक दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। जिसके बाद उन्हें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में भेजा गया। चार राज्यों के भाजपा विधायकों ने सात दिनों में विधानसभावार भाजपा और कांग्रेस की स्थिति के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं सहित जनता को अवगत कराया। प्रवासी विधायकों ने कांग्रेस की विफलता और भाजपा की सफलता का रिपोर्ट कार्ड पत्रकारवार्ता कर जनता की बीच रखा।विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक, जनसंपर्क और इंटरनेट मीडिया की बैठकें ली गई। 27 अगस्त को उनके प्रवास के एक सप्ताह पूरे हो चुके हैं। प्रवासी विधायकों ने 230 विधानसभाओं में कार्यकर्ताओं के साथ रहकर चुनावी माहौल समझा और अपने अनुभव कार्यकर्ताओं के साथ साझा किए। अन्य राज्यों के विधायक अब विधानसभावार रिपोर्ट तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।प्रवासी विधायकों ने गुजरात की तर्ज पर कार्यकर्ताओं को काम करने का प्रशिक्षण दिया है और उन्हें समझाया भी है कि कि मप्र में भाजपा की ही सरकार क्यों जरूरी है। 51 प्रतिशत वोट शेयर का लक्ष्य तय कर कार्ययोजना बनाई गई। विधायकों ने मंडल से बूथ तक बैठकें कर अपने -अपने राज्यों के अनुभव से भी कार्यकर्ताओं को अवगत कराया है। विधायकों ने यह भी अध्ययन किया है कि मप्र विधानसभा के परिणामों का लोकसभा चुनाव 2024 पर कितना असर पड़ेगा।विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भी चार राज्यों के विधायकों की विधानसभावार रिपोर्ट को महत्व दिया जाएगा। वर्तमान विधायकों का टिकट कटेगा या पुन: मिलेगा अध्ययन रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होगा। इसके अलावा इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी लोकसभा चुनाव की भी रणनीति बनाई जाएगी।














