जांजगीर-चांपा। कोरोना संक्रमण जिले में लगातार बढ़ रहा है। जिनके कंधों पर कोरोना के उपचार की जिम्मेदारी वे डाक्टर, नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में संक्रमित हो गए हैं। सिर्फ जिला अस्पताल में ही 15 डाक्टर सहित 43 स्टाफ सप्ताहभर में संक्रमित हो चुके हैं। जिसके चलते सामान्य मरीजों से लेकर कोविड मरीजों के लिए भी परेशानी काफी बढ़ गई है। ओपीडी में भी कई बीमारियों का उपचार डाक्टरों की कमी के चलते नहीं हो पा रहा है।
कोरोना का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस बार कोरोना वारियर्स डाक्टर, पुलिस और राजस्व अधिकारी ही शुरूवाती दौर में कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा अब सरकारी कार्यालयों के अधिकारी कर्मचारी भी संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए सतर्क होकर रहना होगा। कोरोना से डरने के बजाय सावधानी से उससे निपटने की आवश्यकता है। इसके लिए हमे हमेशा मास्क लगाने, सैनिटाइजर का उपयोग करने व दो गज दूरी बनाने की आदत फिर से डालनी होगी। इसके लिए न केवल खुद सतर्क रहें बल्कि दूसरे को भी प्रेरित करने की जरूरत है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1766 हो गई है। जबकि एक जनवरी को जिले में संक्रमितों की संख्या मात्र 58 थी। चिंता की बात यह है कि जिन पर दूसरे की बीमारी ठीक करने की जिम्मेदारी है वे फ्रंट लाइन वर्कस डाक्टर व स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मी भी लगातार संक्रमित हो रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में ही 43 लोग संक्रमित हैं। इनमें डाक्टर, स्टाफ नर्स, कम्प्यूटर आपरेटर, ड्रेसर से लेकर आया तक शामिल हैं। इन संक्रमित डाक्टर्स में सिविल सर्जन डा. अनिल जगत, एमडी डा. आलोक मंगलम, चिकित्सा अधिकारी डा. आर एस सिदार, डा. संदीप कुमार साहू, डा. ममता सिंह, डा. शालिनी कुर्रे, डा. आस्था बैस, डा. सूरज साहू, डा. विशाल खन्ना, डा. आर वस्त्रकार, दंत चिकित्सक डा. वसुंधरा कश्यप, डा. श्रद्घा राय, एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डा. एसआर बंजारे, शिशुरोग विशेषज्ञ डा. हरीश पटेल सहित कुल 15 डाक्टर, 15 स्टाफ नर्स, 3 कंप्यूटर आपरेटर, 2 लैब टेक्नीशियन और अन्य 7 लोग संक्रमित हैं जिनमें वार्ड ब्वाय, ड्रेसर, आया और चौकीदार शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है। जिला अस्पताल में कुल 22 डाक्टर पदस्थ हैं। जिसमें से 15 डाक्टर इन दिनों संक्रमित हैं। एक डाक्टर ट्रेनिंग पर गए हैं। एक डाक्टर सस्पेंड हैं। कुल मिलाकर इन दिनों सिर्फ 5 डाक्टरों के भरोसे ही अस्पताल संचालित है। ऐसे में जिले में जिस हिसाब से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है वह चिंताजनक है। खासकर कोविड मरीजों के लिए परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल के पीछे कोविड अस्पताल बनाया गया है। इन डाक्टरों में से कई डाक्टर संक्रमितों का उपचार कर रहे थे, लेकिन अब वे पाजिटिव हो गए हैं। हालांकि जिले में ज्यादातर मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। फिर भी कई मरीज ऐसे हैं जो कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना के तीसरी लहर में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन, 8 चिकित्सा अधिकारी और शिशुरोग विशेषज्ञ को मिलाकर 15 डाक्टर सहित 43 स्टाफ सप्ताहभर में संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में जिला अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा था। मरीजों को बिना इलाज के लौटना न पड़े इसके लिए व्यवस्था बनाते हुए सीएमएचओ डा. एसआर बंजारे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरखों के संविदा चिकित्सा अधिकारी डा. संजय कुमार भास्कर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सलखन के डा. रूपेंद्र कुमार श्याम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुरकोट के डा. अतिश प्रधान, और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नैला के डा. नीलकमल साहू की ड्यूटी जिला अस्पताल की ओपीडी में लगाई है। ये सभी डाक्टर सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 से 6 बजे तक दोनों पाली में ड्यूटी करेंगे। जिले में शुक्रवार 14 जनवरी को 243 नए संक्रमित मिले वहीं बलौदा ब्लाक के एक ग्रामीण की रायपुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तरह जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 1658 हो गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरखों, सलखन, धुरकोट और नैला के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई है। ये सभी डाक्टर सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 से 6 बजे तक दोनों पाली में ड्यूटी करेंगे। आवश्यकता पडऩे पर और डाक्टर व स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी।
डा. एसआर बंजारे, सीएमएचओ, जांजगीर चांपा

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