कोरबा रेंज में हुई 15 हाथियों की एंट्री

कोरबा। वनमंडल कोरबा के कोरबा रेंज में 15 हाथियों के आज सुबह एंट्री हो गई। बड़ी संख्या में हाथियों के पहुंचने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। उसके अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर हाथियों की निगरानी करने के साथ गेरांव व आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने का अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को बड़ी संख्या में हाथियों के क्षेत्र में आनपानी टंकी जोन कार्यालय को कई लोगों ने बनाया गाड़ी चार्ज करने का अड्डा
कोरबा। प्रदूषण रहित और किफायती बाइक से लेकर चारपहिया गाडिय़ों ने इन दिनों धूम मचाई हुई है। ये बिजली से चार्ज होकर चलती है। लोगों को अपने स्तर पर गाडिय़ों को चार्ज करने का विकल्प दिया गया है। इन सबसे अलग हटकर नगर निगम के पानी टंकी जोन कार्यालय में अधिकारी सहित कुछ लोगों ने अपनी गाडिय़ों के लिए इसे अड्डा बना लिया है। यहां पर हर समय कोई न कोई गाड़ी चार्ज होती रहती है।
नगर निगम निश्चित रूप से लोगों की सेवा के लिए काम कर रहा है लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसमें बिजली से चार्ज होकर चलने वाली गाडिय़ों के लिए यहां के प्वाइंट का उपयोग किया जाए। खबर के अनुसार कुछ महीने पहले विशेष तौर पर इस तरह का इंतजाम इस क्षेत्र में किया गया है। बताया गया कि एक अधिकारी के अलावा कुछ कर्मी और उनके सर्किल में शामिल लोग इसका भरपूर फायदा ले रहे हैं। भले ही जोन कार्यालय की समय सारिणी फिक्स है और अवकाश के दिवस भी। इसके बावजूद देखने को मिलता है कि यहां हर समय गाडिय़ों इस प्वाइंट पर लगी रहती है। कभी उपजोन प्रभारी की तो कभी किसी की। सूत्रों ने बताया कि गाडिय़ों में उपयोग आने वाली बैटरी को फुलचार्ज होने में कई घंटे लगते हैं। ऐसे में कमर्शियल दर पर उपलब्ध होने वाली बिजली की जितनी खपत होगी, जोन कार्यालय के पास सीएसईबी का उतना ही मोटा बिल आए। नगर निगम के पास संसाधन पर्याप्त हैं और धनराशि भी, इसलिए उसकी साख भी कहीं ज्यादा है। कहा जा रहा है कि हर महीने आने वाले बिजली बिल का भुगतान करने के लिए नियत समयसीमा है। इस दौरान अब तक किसी का ध्यान इस तरफ नहीं गया है कि पानी टंकी जोन कार्यालय आखिर किसलिए इतनी राशि का भुगतान अपने कोटे से कर रहा है। आयुक्त और महापौर को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। की जानकारी देते हुए उनसे सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है तथा हाथियों व उसकी मौजूदगी वाले जंगल से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी जा रही है। पसरखेत रेंज से अचानक पहुंचे हाथियों के इस दल में दो शावक भी है।

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