
मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे के बाद मृत 15 लोगों के स्वजन शिनाख्त का इंतजार कर रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट के मिलान होने तक हादसे में मिले 15 क्षत-विक्षत और जले अवशेषों को डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा जाएगा। आधुनिक तकनीक के बावजूद बिना डीएनए मिलान ये साबित करना संभव नहीं हो पा रहा है कि आखिर मरने वाला कौन था। ऐसे में 15 परिवार आज भी अपने लोगों की पहचान और अंतिम संस्कार के इंतजार को लेकर चिंतित हैं।यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह चार बजे बलदेव क्षेत्र में माइल स्टोन 127 पर घने कोहरे में टक्कर के बाद कई वाहन आपस में टकरा गए थे। इसके बाद इन वाहनों में आग लगने से 19 लोग जिंदा जल गए थे। इस हादसे की जांच रिपोर्ट अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मृतकों में से मात्र चार की पहचान हुई है, शेष अब भी पहचान के लिए तरस रहे हैं। 15 शवों के अवशेष के थैले छह दिन से पोस्टमार्टम हाउस में रखे हैं।नियम के अनुसार, 72 घंटे में अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। लेकिन, बड़ा हादसा होने व पहचान न होने के कारण इको सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है। सीएमओ के निर्देश पर सभी अज्ञात अवशेषों को डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है, ताकि डीएनए सैंपल का मिलान स्वजन द्वारा दिए गए सैंपल से किया जा सके। हड्डियों से निकाले गए डीएनए के आधार पर ही अंतिम पुष्टि संभव होगी। लेकिन, ये इंतजार जितना लंबा होता जा रहा है।वहीं पीडि़त परिवारों का धैर्य टूटता जा रहा है। मंगलवार के बाद रविवार की शाम भी गुजर चुकी है। 15 घरों में अब भी यह सवाल गूंज रहा है कि उनका अपना कौन सा थैला है, कब वे अंतिम संस्कार कर पाएंगे। सीएमओ राधावल्लभ ने बताया, मानवीयता के कारण सभी शवों को डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया गया है। डीएनए रिपोर्ट आने पर मिलान के बाद ही अवशेष स्वजन को सौंपे जाएंगे।






























