
नई दिल्ली। मानवाधिकार संस्था ‘राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप’ ने शनिवार को बांग्लादेश में ¨हदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर एक गंभीर रिपोर्ट जारी की है।
संस्था का दावा है कि एक दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच लक्षित हिंसा में कम से कम 17 ¨हदुओं की हत्या कर दी गई है और 16 घरों एवं मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया है। चुनावी हिंसा की आड़ में निशाना संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, कट्टरपंथी समूहों द्वारा चुनावी हिंसा के नाम पर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही आगजनी की सात घटनाएं सामने आई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य रूप से चटगांव का मीर सराय और रावजान, फिरोजपुर और सिलहट शामिल हैं।
संस्था के निदेशक सुहास चकमा ने हिंसा के खौफनाक तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि हमलावर अक्सर हिंदू और बौद्ध घरों को बाहर से बंद कर देते हैं और फिर उनमें आग लगा देते हैं, ताकि भीतर मौजूद लोग जिंदा जल जाएं। चटगांव क्षेत्र में ऐसी घटनाएं सबसे अधिक देखी गई हैं।
सत्ता का इनकार और बढ़ते हमले रिपोर्ट में उन 17 लोगों की सूची भी दी गई है जिनकी हत्या ‘तालिबानी शैली’ में गला रेतकर या जिंदा जलाकर की गई। मृतकों में राणा प्रताप बैरागी, शांतो चंद्र दास और चंचल चंद्र भौमिक जैसे नाम शामिल हैं।


























