
कोरबा और पड़ोसी जिले के है आरोपी
कोरबा। बालकोनगर पुलिस थाना अंतर्गत तराईडांड सोंगुड़ा में 6 नवंबर की रात शत्रुघ्न दास के घर पर डकैती के मामले में पुलिस ने 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर कई चार पहिया वाहन और हथियार बरामद किया लेकिन नगदी व आभूषण का पता नही चला है। आरोपियों ने मौके पा एक करोड़ की राशि होने की सूचना पर संगठिय रूप से डकैती के योजना बनाई थी। इस मामले को पुलिस के पांच टीमों के 50 अधिकारियों व टीमों ने सुलझाया।
सोनगुड़ा में रहने वाले शत्रुधन दास के यहां 6 नजंजर की देर रात इस पटला को आरोपियों ने अंजाम दिया। पकड़े गए आरोपियों में से कुछ ही फकर के भीतर घुसे थे, जिनके चेहो पर नकाब थे। घर के लोगों के रस से बांधकर उन्होंने रुपए होने की जनकारी के इरादे से गहां-तहां खुदाई की। ऐसा कुछ नहीं मिला तो डेढ़ लाख नगद और 8 लाख से अधिक के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 310 (2), 310 (4), 61 बबेएनएस और 25-27 आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया। अधिकारियों के निर्देश पर जांच पड़ताल शुरू की गई। बताया गया कि इस मामले में मुख्य आरोणे चंद्रकांत डिक्सेना कटघोरा शमिल है। डकैती की गोजना में साहेब दास, गोरेलाल पटेल पचन पूजन सिंह रानू साहू, रितेश श्याम, गुणित रम पटेल और अन्य आरोपी थे जो घटग दिवस को अलग-अलग वाहन से पहुंचे। साहेब दास और नरसिंह तास ने पीडि़त परेवार व उसकी संपत्ति की आरंपियों को जानकारी अल्ब्ध कराई। ये दोनों इसी गांष के रहने बाले हैं। प्रकरण में अर्जुन विश्वकर्मा कटघोरा, प्रवीण याचा कटघोरा शंकर पटेल हस्दीबाजार, श्याम जायसवाल कटपोरा, गरी राम सिंह बांकीमोंगरा, कलेश्वर सिंह जांजगीर-बांपा, समार सिंह बांकीमोंगरा, उमेश सिंह ठाकुर तालदेवरी बिर्रा, संतोष श्रीवास बिर्रा, नंदकिशोर राठौर चांपा, सुनील दास महंत और विदेश दास को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके कबजे ने घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य तामान बरामद किए गए हैं।
आये थे लेकिन डर से निकल भागे
खबर के अनुसार डकैती को इस पटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मौके की रेकी के। ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस गश्त की आशंका के साथ घटनाको अंजाम दिए बिना लौट गये। ये अलग-अलग वाहन से रात में यहां पहुंचे थे। पुलिस की जांच में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि गांव में रेकी की पुष्टि हुई है। संदिग्ध वाहनों की गतिविधि भी यहां पर हुई। मुख्य आरोपियों की भूमिका जांच-पड़तात्तत्त में ग्राफ हुई। मुखबिर की गुप्त सूचना से अहम सुरग हासिल हुए और इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को कब्जे में लिया।
लोगों ने आरोप लगाकर किया हंगामा
डकैती केस में आरोपी बनाए गए कुछ लोगों को लेकर ग्रामीणों का गुस्ना जमकर फूटा, जब मेडिकल के लिए उन्हें जिला अन्पताल लाय गया। पुलिस वाहन में उन्हें बैठाते समय जमकर झूमा झटकी की स्थिति बनी। ग्रामीणों ने जबरन गिरफ्तारी और लेन देन का आरोप भी लगाया। उस दैरान महिला सुरक्षा कर्मियों के सहारे कथित आरोपियों के परिजनों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। इस ममले को लेकर ग्रामीणों का सवाल यह है कि शत्रुघन दास के पास इतनी संपत्ति कैसे आई?


















