
जांजगीर – चांपा । ग्राम पंचायत कुरियारी के ग्रामीणों ने सिंचाई सुविधा बढ़ाने की मांग को लेकर मतदान के बहिष्कार का निर्णय लिया था। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी। मगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई। शुक्रवार 17 नवंबर को मतदान के दिन ग्राम के सभी केंद्रों में सन्नाटा पसरा हुआ था। कुछ लोग मतदान करने पहुंचे तो इसे लेकर गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। जब इसकी जानकारी प्रशासन के अधिकारियों को हुई तो तहसीलदार और पुलिस के अधिकारी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाईश दी। जिसके बाद मतदान शुरू हुआ। ग्रामीणों के बहिष्कार के चलते यहां 26 सौ मतदाताओं में से लगभग 650 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह यहां मात्र 25 फीसदी ही मतदान हुआ । पामगढ़ विधानसभा के ग्राम पंचायत कुरियारी में किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या होती है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग कर चुके थे। ग्रामीणों की मांग की थी कि सेमहर दहरा नाला से लिफ्ट ऐरीगेशन के माध्यम से टेड़हा तालाब तक पानी पहुंचाया जा सके जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जा सके। मगर ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने किसी ने ध्यान नहीं दिया। आखिर कार विधानसभा चुनाव के पहले ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को मांग पूरी नहीं होने पर मतदान बहिष्कार करने के निर्णय से अवगत कराया था। फिर भी प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि इस बीच अधिकारियों ने सरपंच व ग्राम के प्रमुख लोगों को समझाईश दी मगर ग्रामीण नहीं माने। शुक्रवार 17 नवंबर को सुबह 8 बजे से गांव के केंद्रों में मतदान कराने पहुंचे अधिकारी कर्मचारी ग्रामीणों का इंतजार करते बैठे थे। मतदान केंद्र क्रमांक 170 में गिनती के ही ग्रामीण मतदान करने पहुंच रहे थे। इसे लेकर गांव में तनाव की स्थिति निर्मित होने लगी थी । जब इसकी जानकारी प्रशासन के अधिकारियों को हुई तो शिवरीनारायण तहसीलदार अश्वनी चंद्रा , थाना प्रभारी अशोक द्विवेदी बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने सरपंच सहित ग्रामीणों को समझाईश दी । जिसके बाद मतदान शुरू हुआ। ग्राम पंचायत कुरियारी के सरपंच किशारे कुमार कश्यप ने बताया कि विलंब से मतदान शुरू होने के चलते 26 सौ मतदाताओं में से लगभग 650 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह यहां लगभग 25 फीसदी ही मतदान हुआ।













