
जांजगीर। गांजा तस्करों को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) सुरेश जून ने 20-20 साल कठिन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार राजस्व निदेशालय परिवादी को 18 फरवरी 2020 को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके अनुसार एक ट्रेलर पंजीयन क्रमांक पीबी 12 क्यू 7045 के द्वारा लगभग 8.50 किलो अवैध गांजा सुनकी आंध्रप्रदेश से चलकर चांपा के रास्ते लखनऊ की ओर ले जाया जा रहा है। एक महिंद्रा स्कार्पियो यूपी 70 डीएन 2656 के द्वारा ट्रक का मार्गदर्शन किया जा रहा था। एक व्यक्ति के द्वारा ट्रेलर चलाया जा रहा है। जिसका स्वामी आरोपी बलविंदर सिंह है। ट्रेलर में गांजा गुप्त स्थान में छिपाकर रखा था। दो व्यक्ति निर्देशित वाहन में थे। जिसकी सूचना परिवादी राजस्व रायपुर को हुई थी। जिस पर टीम का गठन करते हुए सीजीएसटी कोरबा द्वारा घठोली चौक चांपा पहुंचकर रेड कार्रवाई किए। सामने से एक स्कार्पियो गाड़ी आते दिखाई दिया, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे, जिसमें रविशंकर मिश्रा वाहन चला रहा था व बगल वाली सीट में आरोपी अजय पांडेय बैठकर ट्रेलर जिसमें गांजा भरा हुआ था, का मार्गदर्शन कर रहा था। स्कार्पियो को डीआरआई के अधिकारी ने रोका। कुछ देर बाद ट्रेलर आते दिखाई दी, जिसे आरोपी धरम सिंह चला रहा था। उक्त वाहन को रोककर तलाशी ली। ट्रेलर के पिछले हिस्से ट्राला के बेस भाग पर केविटी बनी हुई थी। जिसमें कुल 9 ट्रे निकली। जिसमें 8 ट्रे पूरी तरह गांजे के पैकेटों से भरा हुआ था। इसके अलवा कुछ पैकेट टूल बाक्स की जगह में भी छिपाए गए थे। सभी पैकेटों को डीआरआई के अधिकारी द्वारा जब्त किया गया। गांजे के पैकेटों को तौलने पर कुल 837.970 किलो गांजा होना पाया गया। गांजे का सैम्पल रासायनिक परीक्षण के लिए नीमच (मध्यप्रदेश) भेजा गया था। जिसके परीक्षण बाद गांजा होना पाया गया। संपूर्ण विवेचना के बाद राजस्व आसूचना निर्देशालय रायपुर द्वारा विशेष न्यायालय (एनडीपीएस) जांजगीर के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर विशेष न्यायाधीश सुरेश जून (एनडीपीएस) द्वारा उत्तरप्रदेश प्रतापगढ़ निवासी अजय पांडेय पिता शिवशंकर, पंजाब के फरीदाकोर्ट निवासी धरमसिंह पिता जरनैल सिंह व पंजाब गुरदासपुर निवासी वाहन मालिक बलविंदर सिंह पिता दलवीर सिंह को 20 साल कठिन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दो लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस) शशिकला जांगड़े ने पैरवी की।





























