कोरबा। सडक़ों को प्रगति का वाहक कहा गया है जो व्यक्तियों और सामाग्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान लाने ले जाने का सबसे सशख्त माध्यम बनी हुई है। डब्ल्यूबीएम से लेकर स्टेट और एनएच के अलावा अब भारत माला जैसी परियोजनाएं कोरबा जिले में कार्यशील हैं। सडक़ों की स्थिति और विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर गाडिय़ों की स्पीड बढ़ती है और प्रभावित होती है। इस चक्कर में हादसे भी होते हैं। वर्ष 2025 में अब तक हुए हादसों में जिले में 265 लोग काल कवलित हो गए। हालांकि यह संख्या बीते दो वर्षों के मुकाबले कम है।
ट्रैफिक पुलिस के द्वारा कोरबा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जनवरी 2025 से लेकर 25 अगस्त की स्थिति में हुए सडक़ हादसों का तुलनात्मक डाटा तैयार किया गया है। इसके अनुसार हाईवे से लेकर अन्य सडक़ों पर दोपहिया और दूसरे वाहन की टक्कर सहित अन्यान्य कारणों से हुए हादसों में लोगों की या तो मौके पर मौत हो गई या तो वे कई दिन तक अस्पताल में संघर्ष करने के बाद जिंदगी को अलविदा कह गए। बताया गया कि वर्ष 2025 के अगस्त माह तक 265 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं हैं। जबकि वर्ष 2023 में जहां 340 लोग सडक़ हादसों में घायल हुए थे, वहीं वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 402 रही। इस तरह मौजूदा आंकड़ा वर्ष 2023 की तुलना में 75 और 2024 की तुलना में 137 कम है। इसे बड़ी गिरावट के रूप में लिया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि जिले में सडक़ दुर्घटनाओं के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सडक़ सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान, यातायात नियमों का सख्ती से पालन और हेलमेट व सीटबेल्ट को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियानों के चलते यह गिरावट आई है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाए गए हैं तथा तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। साथ ही सडक़ पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि आने वाले वर्षों में सडक़ दुर्घटनाओं में और कमी लाई जाएगी।
6 वाहन चालकों पर कार्रवाई
कोरबा जिले की बालको नगर पुलिस ने 6 वाहन चालकों के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करने के साथ इनके प्रकरण को कोर्ट भेजा है। बताया गया कि यह चालक शराब के नशे में गाड़ी चलाते मिले। पुलिस ने अपने अभियान के अंतर्गत आवागमन कर रहे चालको का परीक्षण एल्कोमीटर से किया। इस दौरान संबंधित 6 चालक के शरीर में निर्धारित स्टैंडर्ड से ज्यादा अल्कोहल की उपस्थिति पाई गई। इसे ड्रंकन ड्राइव का मामला माना गया। पुलिस के नियम के अनुसार इस तरह की स्थिति दुर्घटना को न्योता देने के साथ कारित करने के लिए जिम्मेदार होती है।