
चंडीगढ़, २५ नवंबर ।
26 नवंबर को चंडीगढ़ में दो बड़े विरोध प्रदर्शनों के एक साथ होने से ट्राईसिटी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ गया है। एक ओर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) अपने आंदोलन की 5वीं वर्षगांठ पर विशाल मार्च निकालेगा, तो दूसरी ओर पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने विश्वविद्यालय में पूर्ण बंद की घोषणा की है।
इन दोनों प्रदर्शनों के ओवरलैप होने से शहर में भीड़, जाम और सुरक्षा चुनौतियां बढऩे की आशंका है। पुलिस ने किसान संगठनों को सेक्टर-43 के दशहरा ग्राउंड में शांतिपूर्ण रैली करने की अनुमति दी है। पुलिस के अनुसार देशभर के 30 से अधिक किसान संगठनों से जुड़े करीब 10,000 प्रदर्शनकारी पंजाब, हरियाणा और आसपास के राज्यों से चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।
10 नवंबर को कुछ किसान संगठनों के पीयू पहुंचने पर कैंपस में अराजक स्थिति बन गई थी। गेट तोड़े गए, बॉर्डर बंद किए गए और कई मुख्य सडक़ों पर घंटों जाम लगा रहा। पुलिस ने उस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। प्रशासन को आशंका है कि इस बार भी पीयू बंद और किसान मार्च के साथ होने से कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया संघों द्वारा अनुमति मांगे जाने पर हमने उन्हें सेक्टर-43 में स्थान उपलब्ध कराया है। शहर में 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। अभी तक बार्डर सील करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हमारा उद्देश्य शांतिपूर्ण रैली सुनिश्चित करना है। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि रैली का उद्देश्य एसकेएम आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ को चिह्नित करना, एमएसपी की कानूनी गारंटी, दर्ज मामलों की वापसी, एवं आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा जैसी लंबित मांगों को दोहराना है।


























