
बिश्रामपुर। एसईसीएल की रेहर भूमिगत खदान में 27 सौ टन कोयला शार्टेज के मामले की जांच करने शनिवार को पहुंची सीबीआई की टीम दूसरे दिन भी यहीं डटी रही। रविवार को सीबीआई टीम ने दिनभर एसईसीएल के ट्रांजिट कैंप में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ के साथ ही संबंधित दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। रविवार की रात सीबीआई टीम ट्रेन से वापस लौट गई। कोयला शार्टेज का मामला एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की रेहर भूमिगत खदान का है। संबंधित शिकायत पर जुलाई 2022 में एसईसीएल कंपनी के विजिलेंस विभाग ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में करीब 27 टन कोयला कोल स्टाक में शार्टेज पाया गया था। मामले में खान प्रबंधक समेत कई अधिकारियों का अन्य क्षेत्रों में तबादला करने के बाद मामला शांत हो गया था। मामले में लीपापोती के आरोपों के बीच फिर मामले की शिकायत कोयला मंत्रालय से स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई थी। इस पर मामले में एंट्री के साथ ही सीबीआई की टीम ने यहां पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। डेढ़ साल पूर्व उक्ताशय की शिकायत पर एसईसीएल कंपनी मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने खदान पहुंचकर शिकायत की बारीकी से जांच की थी। विजिलेंस जांच में करीब 27 सौ टन कोयला स्टाक में कम पाया गया था। शनिवार को सुबह रायपुर से पहुंची सीबीआई की टीम ने क्षेत्रीय अधिकारियों व विजिलेंस अधिकारियों की मौजूदगी में सीबीआई की टीम ने रेहर खदान पहुंचकर कोयला स्टाक का मेजरमेंट किया। उसके बाद सीबीआई की टीम खदान के कार्यालय में दस्तावेजों की जांच की। इधर रविवार को दिनभर सीबीआई की टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेजो की जांच पड़ताल की। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी की। उसके बाद वे संबंधित दस्तावेजो को अपने साथ लेकर रायपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान क्षेत्रीय महाप्रबंधक अजय तिवारी महाप्रबंधक संचालन संजय सिंह, सहक्षेत्र प्रबंधक युएन झा, खान प्रबंधक जेडी सिंह मौजूद रहे। मामले की जांच की पुष्ट जानकारी नही मिल सकी।






















