कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा खदान विस्तार से प्रभावित रिस्दी गांव के 281 खातेदारों ने मुआवजा राशि लेने से इंकार कर दिया है। प्रबंधन की ओर से इन्हें चौथी बार आवेदन करने की सूचना जारी की गई है। नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रभावित खातेदार मुआवजा राशि नहीं लेते हैं, तो यह राशि ट्रिब्यूनल कोर्ट में जमा करा दी जाएगी।छोटे खातेदारों नेजतायाविरोधमुआवजा लेने से इनकार करने वालों में आधे से अधिक छोटे खातेदार शामिल हैं। पूर्व सरपंच प्रताप सिंह कंवर ने बताया कि कई ग्रामीण कोल इंडिया की 2012 की आरएंडआर पॉलिसी के तहत नौकरी की मांग को लेकर मुआवजा नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें खदान विस्थापन की स्थिति में रोजगार की गारंटी नहीं मिलेगी, वे मुआवजा स्वीकार नहीं करेंगे।खनन कार्य शुरू करने की तैयारीप्रबंधन का लक्ष्य है कि जल्द ही रिस्दी की जमीन से मिट्टी का खनन कार्य शुरू किया जाए। वर्तमान में खोडरी क्षेत्र से ओवरबर्डन (ह्रक्च) हटाने का काम चल रहा है। मानसून के बाद इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। खदान विस्तार की सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित गांवों का पुनर्वास और बसाहट है। खोडरी गांव के विस्थापित परिवारों को पहले ही वैशाली नगर के पास बसाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।उत्पादन लक्ष्य से 8 मिलियन टन पीछे कुसमुंडा खदानएसईसीएल प्रबंधन फिलहाल उत्पादन के मामले में बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में कुसमुंडा खदान अब तक निर्धारित लक्ष्य से 8 मिलियन टन पीछे चल रही है। प्रबंधन को उम्मीद है कि रिस्दी व खोडरी के विस्थापितों को नौकरी देकर खदान विस्तार की राह आसान होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी हो सकेगी।शिविर में 25खातेदारों ने जमा किया नामांकन फॉर्मगुरुवार को रिस्दी गांव में एसईसीएल की ओर से शिविर लगाया गया, जिसमें प्रभावित खातेदारों की कट-ऑफ सूची जारी की गई। इस दौरान 25 खातेदारों ने जमीन अधिग्रहण के बदले नौकरी पाने के लिए नामांकन फॉर्म जमा किए।शिविर में कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना , दीपका तहसीलदार अमित केरकेट्टा, कुसमुंडा एरिया जीएम एसटी पाटिल, जीएम (संचालन) एके राय व भूमि एवं राजस्व विभागाध्यक्ष केएस चौहान मौजूद रहे।