3 फीसदी उतरा बांगो बांध का पानी हसदेव बरॉज का एक गेट किया बंद

कोरबा। लोगों की मुश्किलें बढ़ाने के बाद अब प्रकृति के तेवर कुछ ढीले पड़ते नजर आ रहे हैं। बारिश का क्रम थमने और लगातार पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव बांगो बांध में तीन फीसदी जल स्तर में गिरावट दर्ज हुई है। लेकिन अभी भी सात गेट से पानी छोड़ा जाना जारी है। दूसरी ओर दर्री स्थित हसदेव बरॉज के एक गेट को बंद कर दिया गया है। इससे हसदेव नदी के तटवर्ती क्षेत्र में दबाव भी कुछ कम हो रहा है।
कोरिया और कोरबा जिले में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के कारण स्थिति विकराल हो गई। एक सप्ताह पहले जहां बांगो बांध 75 फीसदी से ज्यादा भरा हुआ था वह महज दो दिन के भीतर 18 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 93 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच बारिश के क्रमबद्ध दौर ने मुश्किलें बढ़ाई। जल संसाधन विभाग ने संभावित खतरे के मद्देनजर प्रशासन को अवगत कराया और अनुमति प्राप्त करने के बाद अलग-अलग अंतराल से रविवार तक 6 गेट खोल दिए। रात्रि से पहले यहां कुल 7 गेट खोलने के साथ 40 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि इस बीच दबाव की स्थिति को कमतर आंके जाने के साथ महसूस किया गया कि बांध में कुल जल भराव 93 फीसदी से घटकर 90 फीसदी हो गया है अर्थात इसमें 3 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। वर्तमान में 34 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। फिलहाल और कोई गेट खोलने की स्थिति नजर नहीं आ रही है। पूरा दारोमदार बारिश के रूख पर टिका हुआ है।
इधर हसदेव बरॉज दर्री से फिलहाल एक गेट को बंद कर दिया गया है। रविवार तक की स्थिति में यहां 5 गेट खोले गए थे। एसडीओ एस.एन.साय ने बताया कि अब 4 गेट से 40 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जाना जारी है। स्थिति नियंत्रण में है और उपर से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर इस बारे में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। बताया गया कि हसदेव बरॉज के कुल जल भराव के स्तर में लगभग 6 इंच की कमी आई है। अभी 943 फीट पानी यहां पर उपलब्ध है। उम्मीद जताई गई कि बरॉज से नदी में लगातार पानी रिलिज किए जाने से जल भराव कुछ कम होगा और यह नदी के रास्ते आगे अपनी पहुंच बनाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को किया सावधान
पहले से ही हसदेव के सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों को विभाग और प्रशासन की ओर से सावधान किया गया है। नियमानुसार अलग-अलग स्तर पर सूचना जारी करते हुए लोगों को कह दिया गया था कि बाढ़ की स्थिति में नुकसान हो सकता है इसलिए वे अपनी परिसंपत्तियों को मौके से हटाएं। इधर हसदेव में आपदा के हालात निर्मित होने पर कुछ क्षेत्रों में समस्याएं बनीं हैं। प्रभावितों को अस्थायी आश्रय दिया गया है।

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