
कोरिया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अंतर्गत अंबिकापुर क्षेत्र में शामिल कोरिया जिले में बीते 25 वर्षों के दौरान विद्युत अधोसंरचना का अभूतपूर्व विकास हुआ है। निरंतर और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के चलते जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्ष 2000 में, जब वर्तमान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला भी कोरिया जिले में शामिल था, तब जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6228 वर्ग किलोमीटर था। सितंबर 2022 में नए जिले के गठन के बाद कोरिया का क्षेत्रफल घटकर 2002 वर्ग किलोमीटर रह गया, इसके बावजूद बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता (एलटी एवं एचटी) वर्ष 2000 में 25,922 थे, जो बढक़र 94,065 हो गए हैं। निम्नदाब उपभोक्ताओं की संख्या 11,617 से बढक़र 48,965 हो गई है। इनमें बीपीएल कनेक्शन 4,354 से बढक़र 21,026, घरेलू कनेक्शन 9,776 से बढक़र 21,425 तथा सिंचाई पंप कनेक्शन 157 से बढक़र 2,634 हो गए हैं। इस प्रकार 25 वर्षों में कुल विद्युत उपभोक्ताओं में लगभग 362 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विद्युत पारेषण एवं वितरण अधोसंरचना का व्यापक विस्तार किया गया है। इस अवधि में जिले में 132/33 केवी उपकेंद्रों की संख्या शून्य से बढक़र 1, 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 2 से बढक़र 10 तथा पावर ट्रांसफार्मरों की संख्या 3 से बढक़र 15 हो गई है। वहीं वितरण ट्रांसफार्मर 338 से बढक़र 1,988 तक पहुंच गए हैं।
इसके साथ ही उच्चदाब लाइनों की लंबाई 897 किलोमीटर से बढक़र 2,072 किलोमीटर और निम्नदाब लाइनों की लंबाई 449 किलोमीटर से बढक़र 2,636 किलोमीटर हो गई है। सिंचाई पंपों की संख्या में 16 गुना वृद्धि हुई है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए 5 वितरण केंद्रों का निर्माण कर 45,675 उपभोक्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन द्वारा विभिन्न वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके अंतर्गत रियायतें और विशेष छूट प्रदान की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप कोरिया जिले में शत-प्रतिशत ग्राम विद्युतीकरण का लक्ष्य भी लगभग पूर्ण हो रहा है। विद्युत अधोसंरचना के इस तीव्र विकास से जिले के लाखों उपभोक्ताओं को बेहतर, सुरक्षित और निरंतर बिजली आपूर्ति का लाभ मिल रहा है।
























