
जांजगीर। केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक देशभर में 14 वर्ष की लड़कियों के लिए विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश पर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए सिंगल डोज टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के पहले 90 दिनों में 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियां सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त टीका लगवा सकेंगी।
जिले में कैंसर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला अस्पताल में जांच का दायरा बढऩे के बाद मरीज भी सामने आने लगे हैं। अब तक अलग-अलग तरह के करीब 369 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें 46 मरीज सर्वाइकल कैंसर से पीडि़त पाए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक 86 स्तन कैंसर, 73 मुंह के कैंसर और 158 अन्य प्रकार के कैंसर के मामले सामने आए हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए सबसे प्रभावी उपाय टीकाकरण को माना जा रहा है। इसी वजह से देशभर में एचपीवी वैक्सीनेशन का शुभारंभ होने जा रहा है।
यह टीकाकरण क्यों जरूरी है? -भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल 1.25 लाख महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं और 75 हजार की मौत हो जाती है। किशोरावस्था में टीका लगने से 30 वर्ष की उम्र तक कैंसर का जोखिम 85त्न कम हो जाता है। 6स्लॉट कैसे बुक होगा? -टीकाकरण के लिए यूवीन पोर्टल के जरिए नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्लॉट बुक किया जा सकेगा। 6यह टीका किस बीमारी से सुरक्षा प्रदान करेगा? -यह वैक्सीन एचपीवी के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देती है, जो कैंसर के मुख्य कारण हैं।
साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करती है। इससे खतरे से बचा जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर के लक्षण शुरुआत में शारीरिक संबंध के दौरान हेवी ब्लीडिंग, वाइट डिस्चार्ज, गंध आना। एडवांस स्टेज में पेशाब में तकलीफ होना। संक्रमण के 15 साल बाद तक भी कैंसर के लक्षण दिखाई नहीं देते। वैक्सीन से शरीर में एंटीबॉडी बनेगी, जो वायरस को रोकने में मदद करेगी। इसे रोकने के लिए जागरूकता भी जरूरी है।




















