छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की जेल से भागने वाले 5 कैदियों में से 3 को पकड़ लिया गया है। इनसे पुलिस अब पूरे कांड के बारे में पूछताछ कर रही है। इनके नाम का खुलासा भी जल्द किया जाएगा। एक बदमाश को तुमगांव और दो को कोमाखान के पास से पकड़ा गया है। ये जेल से भागकर करीब 10 किलोमीटर के इलाके में छिपते फिर रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें इन्हें तलाश रही थीं। दो कैदियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। गुरुवार की दोपहर ये बेमचा इलाके में बनी जिला जेल से दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इस मामले में जेल के एक मुख्य प्रहरी और तीन अन्य प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है।

ASP मेघा टेंभुरकर ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट के आस-पास की इस घटना में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब तक हुई जांच में ये बात सामने आई है कि जिस जगह पर गार्ड की ड्यूटी होनी थी वहां पर वो था ही नहीं। करीब आधे घंटे तक दीवार पर कंबल से रस्सी बनाकर कैदी भागने का प्रयास करते रहे, मगर किसी की नजर इन पर नहीं पड़ी थी।

इसी मौके का फायदा उठाकर वो भाग गए थे। दूसरी सबसे बड़ी बात कि जिस वक्त ये कांड हुआ बैरक से बाहर कैदियों के आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। क्योंकि उस समय किसी को बाहर नहीं रखा जाता तो ये बाहर कैसे थे, हम इन सभी एंगल पर पड़ताल कर रहे हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।