ईरान के 5 हजार टारगेट ध्वस्त, 50 ईरानी जहाज भी तबाह, अमेरिका ने जारी किया वीडियो

ईरान, 12 मार्च।
अमेरिकी सेना ने ईरान पर भारी हमले तेज कर दिए हैं। सेंट्रल कमांड ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के पहले 10 दिनों में ईरान के अंदर करीब 5,000 लक्ष्यों पर हमले करने का दावा किया है। इस दौरान कम से कम 50 ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया या तबाह किया गया है। इसमें एक भूमिगत मिसाइल लॉन्चर पर हमले को दिखाया गया है। वीडियो में प्रोजेक्टाइल गिरते ही बड़ा धमाका होता है। पोस्ट में लिखा है, ईरानी शासन अपने मिसाइल लॉन्चर छिपाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन अमेरिकी सेना उन्हें ढूंढकर खत्म कर देगी। यह ऑपरेशन 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसका मकसद ईरानी शासन की सुरक्षा व्यवस्था को तोडऩा और उन ठिकानों पर हमला करना है जो तत्काल कथित खतरा पैदा कर रहे हैं। ष्टश्वहृञ्जष्टह्ररू ने कहा कि हमले जारी रहेंगे। ष्टश्वहृञ्जष्टह्ररू ने साफ किया कि 5,000 लक्ष्यों में ईरानी सेना के कमांड और कंट्रोल सेंटर, इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, एंटी-शिप मिसाइलें, सैन्य संचार व्यवस्था तथा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्टरियां शामिल हैं। इन हमलों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को भारी झटका लगा है। ष्टश्वहृञ्जष्टह्ररू का कहना है कि ईरानी नौसेना के 50 से ज्यादा जहाज क्षतिग्रस्त या तबाह हो चुके हैं। एक वीडियो में भूमिगत मिसाइल लॉन्चर को तबाह करने का फुटेज दिखाया गया है, जिसमें अमेरिकी सेना की सटीक हथियारों की ताकत साफ नजर आती है। ऑपरेशन में अमेरिका ने कई शक्तिशाली हथियार और प्लेटफॉर्म तैनात किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध बहुत पूरा हो चुका है, लगभग। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, संचार व्यवस्था और एयर फोर्स खत्म हो चुकी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों से बहुत आगे निकल चुका है और युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। हालांकि, उन्होंने एक अलग मौके पर कहा कि अमेरिका ने कई जीत हासिल की हैं लेकिन अभी काफी नहीं जीता और अंतिम जीत तक आगे बढ़ेंगे।ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म होने की बातों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी सेना लंबी और कड़ी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने 9 मार्च को बयान दिया कि जब तक सैन्य हमले जारी हैं, कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक चलने वाले टकराव के लिए खुद को मजबूत कर चुके हैं। ईरान का रुख साफ है कि वह आसानी से झुकने वाला नहीं है।

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