
कोरबा। स्वामी भजनानंद सेवा आश्रम ने दानदाताओं के सहयोग से इस वर्ष भी जनजातीय क्षेत्र की 50 से अधिक कन्याओं के हाथ पीले कराने का काम किया। सामूहिक विवाह की श्रृंखला में यह कार्य विष्णु महायज्ञ के आज अंतिम दिवस केंदई आश्रम परिसर में संपन्न हुआ। इस मौके पर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि यजमान के तौर पर उपस्थित हुए, जिन्होंने धर्मपालक की भूमिका निभाई।
देवी संपद मंडल की ओर से बीते वर्षों में इस प्रकार के कार्यों का शुभारंभ उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में की गई। समय के साथ इसका विस्तार हुआ। लगातार सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों ने ऐसे कार्यों से जुडक़र अपना योगदान दिया। स्मृतिशेष स्वामी भजनानंद सरस्वती और उनके बाद के समकक्षों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। शारदानंद सरस्वती के कालखंड में केंदई आश्रम में ऐसे अनेक कार्य कराए गए। इस वर्ष भी यह परंपरा पूरी हुई। कोरबा जिले के अलावा अन्य जिलों और प्रदेशों से वास्ता रखने वाले लोगों ने विष्णु महायज्ञ और सामूहिक विवाह में अपना योगदान दिया। सात दिन तक यज्ञ की परंपरा के बाद आज अंतिम दिवस आश्रम परिसर में सामूहिक विवाह में 51 जोड़ों को नए उत्तरदायित्व से जोड़ा गया। उन्हें संस्था की ओर से गृहस्थी की सामाग्री और धन राशि भी दी गई। पिछले वर्षों में यहां जिनका विवाह संपन्न हुआ उन जोड़ों ने भी सहयोगी के तौर पर काम किया। मोरगा, चोटिया, कोरबी, सिरमिना, लेपरा, मदनपुर, साखो, धजाक, कटघोरा, अमरकंटक, बुढ़ार, शहडोल, अनूपपुर, कोरबा और विभिन्न क्षेत्रों के सेवाभावी लोगों के सक्रिय योगदान से यह कार्यक्रम सफल रहा। भजनानंद सेवा आश्रम परिवार ने इस बड़े आयोजन की सफलता के लिए सभी का आभार जताया।

















