
सिंघीतराई, सक्ती, 12 मार्च। वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (व्हीएलसीटीपीपी) ने स्वयंसेवी संगठन पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से चलित स्वास्थ्य इकाई की शुरूआत की है। सामुदायिक विकास कार्यक्रम की ‘आरोग्य परियोजना’ के अंतर्गत संचालित पहल से ग्राम पंचायत सिंघीतराई, ओड़ेकेरा और निमोही के लगभग 7000 नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। व्हीएलसीटीपीपी के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में चलित स्वास्थ्य इकाई को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उद्घाटन समारोह के उपरांत सिंघीतराई, बेनीपाली, निमोही और कठर्रापाली में आयोजित शिविरों से लगभग 200 नागरिक लाभान्वित हुए। शिविरों के माध्यम से नागरिकों को पोषाहार एवं स्वच्छता के महत्व से परिचित कराया गया। चलित स्वास्थ्य इकाई में एमबीबीएस डॉक्टर के साथ अन्य प्रशिक्षित चिकित्साकर्मी सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व निर्धारित स्थानों पर प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की योजना है जहां जरूरतमंदों को निःशुल्क परामर्श और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएगी। मुधमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की सुविधा इकाई में मौजूद हैं। सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध हैं।

चलित स्वास्थ्य इकाई के उद्घाटन पर वेदांता पावर बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि ‘‘स्वस्थ भारत बनाने के विजन के अनुरूप वेदांता पावर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकारों, स्वास्थ्य सेवा संस्थानों, उद्योगों और समुदायों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। आरोग्य परियोजना के जरिए हमारा लक्ष्य जरूरतमंदों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना है ताकि उन्हें स्वस्थ व मजबूत जीवन जीने में मदद मिल सके।’’

देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंदों के लिए बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए व्हीएलसीटीपीपी प्रबंधन कटिबद्ध है। चलित स्वास्थ्य इकाई से ग्रामीणों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को लाभ मिलेगा। श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की दिशा में चलित स्वास्थ्य इकाई अहम साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि व्हीएलसीटीपीपी की पहल से सक्ती जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
वेदांता पावर की सीएसआर प्रमुख कृतिका भट्ट ने बताया कि चलित स्वास्थ्य इकाई के माध्यम से ग्रामीणों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध होंगी। समय-समय पर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र के नागरिक व्हीएलसीटीपीपी की इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाएंगे। इस अवसर पर व्हीएलसीटीपीपी के प्रचालन एवं अनुरक्षण प्रमुख सुसीम बेहरा, वाणिज्य प्रमुख मयंक पतंगीवार और पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन, नई दिल्ली की परियोजना प्रमुख अंजना कुमार मौजूद थीं।
कार्यक्रम में मौजूद देवरघटा क्षेत्र की बीडीसी सदस्य काजल किरण डनसेना, सिंघीतराई के उप सरपंच नरेंद्र डनसेना, सिंघीतराई कृषि सहकारी साख समिति के अध्यक्ष अमृत डनसेना, सिंघीतराई के पंच बलदेव टंडन एवं ओड़ेकेरा सरपंच प्रतिनिधि चंद्रिका चौहान ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में व्हीएलएसीटीपीपी की पहल को प्रशंसनीय बताया। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि चलित स्वास्थ्य इकाई से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक चिकित्सा गांव में ही मिल सकेगी।
*वेदांता पावर के बारे में:* वेदांता समूह भारत के सबसे बड़े निजी थर्मल ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, जिसके पास 12,000 मेगावाट से अधिक थर्मल पावर उत्पादन करने की क्षमता है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और उत्पादन में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए वेदांता पावर समर्पित है। वेदांता पावर के प्लांट मानसा, पंजाब (तलवंडी साबो पावर लिमिटेड), सिंघीतराई, छत्तीसगढ़ (वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट), तिरुपति, आंध्र प्रदेश (मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड) और झारसुगु़ड़ा, ओडिशा (झारसुगुड़ा आईपीपी प्लांट) स्थित हैं। इन संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 4,780 मेगावाट है, जो देश भर में विभिन्न डिस्कॉम, उपयोगिताओं और उद्योगों को ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।




















