
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर सरकार ने सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों और सर्वोच्च पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को इस वर्ष शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है।
प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र और माकपा के वरिष्ठ नेता व केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। दोनों का हाल ही में निधन हुआ था।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोशियारी, भाजपा नेता वीके मल्होत्रा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को पद्म भूषण दिया गया है। भारत की पहली एसिड अटैक पीडि़ता एवं प्रख्यात संगीतकार प्रो. मंगला कपूर को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। पद्म पुरस्कार पाने वालों की सूची से साफ है कि इसे सभी राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों से दूर रखा गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित पांच हस्तियों में से तीन केरल के हैं, जहां दो महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए इस वर्ष कुल 131 व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया है। जिनमें पांच को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। इनमें दो ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनमें दो व्यक्तियों के लिए पुरस्कार को एक माना गया है। पद्मश्री पाने वालों में 45 गुमनाम नायक शामिल हैं। पद्म सम्मान पाने वालों में 90 महिलाएं हैं। सूची में विदेशी, एनआरआइ, पीआइओ और ओसीआइ वर्ग में छह हस्तियां हैं।
16 हस्तियों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया है। इसके अलावा सेना के 70 जवानों एवं अधिकारियों को विभिन्न वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इनमें से छह को यह सम्मान मरणोपरांत प्राप्त होगा। इन पुरस्कारों में एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, एक बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री) और 44 सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल हैं।
























