एसआईआर को लेकर बंगाल में 8वीं आत्महत्या मतुआ समुदाय भूख हड़ताल पर बैठा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी स्ढ्ढक्र (सामान्य शब्दों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन) को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब दक्षिण 24 परगना जिले में एक व्यक्ति ने मतदाता सूची से नाम हटने के डर से आत्महत्या कर ली। मृतक सफीकुल गाजी पिछले कुछ महीनों से भांगड़ में ससुराल में रह रहे थेपरिजनों ने बताया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होने के बाद दहशत में थे। गाजी को डर था कि उनके पास वैध पहचान पत्र न होने के कारण उन्हें देश से निकाल दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने इसे स्ढ्ढक्र को लेकर 8वीं आत्महत्या बताया और भाजपा पर भय फैलाने का आरोप लगाया।टीएमसी सांसद ममता बाला ठाकुर के नेतृत्व में मातुआ समुदाय के एक गुट ने बांग्लादेश से आए सभी शरणार्थियों को बिना शर्त नागरिकता देने की मांग पर ठाकुरनगर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। भाजपा नेता शंतनु ठाकुर ने इसे वोट राजनीति बताया, जबकि टीएमसी ष्ट्र्र का विरोध जारी रखे हुए है।सीएम पिनाराई विजयन ने घोषणा की कि सरकार एसआईआर प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। भाजपा के सिवाय सभी दलों ने इस कदम का समर्थन किया। विपक्ष नेता वीडी सतीसन ने कहा कि वे भी कोर्ट में सरकार के साथ पक्षकार बनने को तैयार हैं।

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