अमित शाह से मिले एससी-एसटी समाज के लोग छग के इन जनजातियों के हितों के लिए कही ये बात

रायपुर, २३ जुलाई [एजेंसी]।
छत्तीसगढ़ दौर के दूसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के लोगों ने मुलाकात की। एससी-एसटी समाज के लोगों ने केंद्रीय मंत्री शाह से छत्तीसगढ़ राज्य की 12 जनजाति को अनुसूचित जनजाति की लिस्ट में शामिल करने के लिए अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक 2022 को राज्यसभा में पारित करने की मांग की। इस दौरान समाज के लोगों ने इस विधेयक को लोकसभा में पारित करने पर शाह को धन्?यवाद ज्ञापित किया। उन्?होंने कहा, इस विधेयक को राज्?यसभा में कई बार सूचीबद्ध किया गया। लेकिन राज्?यसभा में बा?र-बार गतिरोध उत्?पन्?न होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।उन्?होंने बताया, इस विधेयक के पारित नहीं होने की वजह से छत्?तीसगढ़ के 12 जनजाति समुदाय के 30 से 40 लाख लोग अपने संवैधानिक लाभ को प्राप्?त करने से वंचित हो रहे हैं। उन्?होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री शाह से प्रदेश के 12 जनजाति समुदाय के लोगों के हितों के लिए संसद के मानसून सत्र में इस विधेयक को राज्?यसभा में पारित करने के लिए अनुरोध किया है।(1) भारिया भूमिया (भूईया, भूईयाँ, भूयां, भूइया भियां), (2) धनवार (धनुहार, धनुवार), (3) नगेसिया (नागासिया) के समानार्थी किसान, (4) सवर, सदरा के साथ संवरा, सौंरा (5) धांगड, (6) बिंझिया, (7) कोड़ाकू, कोडाकू, (8) कोध कॉद, (9) भारिया (भरिया), (10) पंडो पन्डो पण्डो, ( 11 ) गोंड गॉड (12) गदबा समुदाय शामिल है। इस दौरान कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आज सुबह कई वर्ग के लोगों ने शाह से मुलाकात की। 12 जातियों को जनजाति में शामिल करने और सहारा इंडिया परिवार का पैसा लौटाने पर लोगों ने गृहमंत्री को धन्यवाद किया। यहां 15 मिनट तक सभा को संबोधित करने के बाद वे रवाना हो गए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने शाह की मौजूदगी में राज्य के हर जिले में दो सहारा सहायता केंद्र शुरू करने की घोषणा की है। उनके मुताबिक ये केंद्र सहारा पीडि़तों को उनकी राशि दिलाने में मदद करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार देर रात तक पार्टी नेताओं से चर्चा की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई। नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया गया। अमित शाह की मौजूदगी में ही स्थानीय नेताओं ने डिनर किया और उसके बाद एक-एक कर बाहर आए। राजधानी में 5 जुलाई को शाह ने बैठक ली थी, उन्होंने नेताओं को टास्क दिए थे। ये बैठक उस टास्क का रिव्यू भी बताया जा रहा है।

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