
वाराणसी, २५ जुलाई [एजेंसी]।
जल परिवहन के रास्ते गांवों की किस्मत बदलने की कोशिश जारी है। वाराणसी में पर्यटन चमक रहा है। अब पूर्वांचल में कई जिलों के ग्रामीण जीवन में आर्थिक बदलाव लाने की तैयारी है।पर्यटन के साथ स्वरोजगार बढ़ेगा। गंगा के किनारे बसे 17 गांवों का आर्थिक उन्नयन होगा। यहां पर्यटक आएंगे। वह ग्रामीण संस्कृति में ढलेंगे, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण जमीन तैयार कर रहा है। बनारस से बलिया तक 16 कम्युनिटी जेटी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, एक जगह काम इसी महीने पूरा हो जाएगा।छह महीने पहले करीब 22 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, इसमें 18 करोड़ खर्च हो चुके हैं। अब सुविधा विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट तैयार हो रही है। हर छोटी-बड़ी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। बनारस से कोलकाता के बीच जलमार्ग से मालवाहक जहाज का आवागमन हो रहा है। विदेश से पर्यटक भी आते हैं।गंगा विलास व राजमहल जैसे क्रूज संचालित हो रहे हैं, लेकिन अभी जलमार्ग पर जहाजों का ठहराव बहुत सीमित है। अब इसमें वृद्धि होगी, इसीलिए कम्युनिटी जेटी का निर्माण हुआ है। पर्यटक ठहरेंगे और घूम-फिरकर खरीदारी करेंगे। छोटा बाजार विकसित होगा और कारोबारी माहौल बनेगा।सुविधाओं का विस्तार किए जाने के बाद कम्युनिटी जेटी को नगर विकास और पंचायत राज विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से सहयोग लेंगे। वह पर्यटकों के टूर के वक्त अपने स्टाल लगाएंगी। जिले की खास वस्तुओं का प्रस्तुतिकरण करेंगी। पर्यटकों को खूबियां बताएंगी और एनआरएलएम काम शुरू कर चुका है।

















