
बिश्रामपुर। बिजली, पानी, सड़क, स्कूल बस जैसी मूलभूत समस्याओं के निराकरण में एसईसीएल प्रबंधन की वादाखिलाफी से नाराज करीब आधा दर्जन ग्रामों के ग्रामीण महिला, पुरुष एवं छात्राओं ने गुरुवार को डेडरी गांव में चक्काजाम कर दस घंटा कोयला परिवहन ठप रखा। एसडीएम की मौजूदगी में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द करने का आश्वासन दिए जाने के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। आंदोलित ग्रामीणों का आरोप था कि एसईसीएल प्रबंधन कोयला खान प्रभावित ग्रामों में मूलभूत समस्याओं के निराकरण में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। उनका कहना था कि एसईसीएल की रेहर व गायत्री कोयला खदान से कोयला उत्पादन प्रारंभ हुए करीब 25 साल हो गए है, लेकिन कोयला खान प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीण बिजली, पानी, सड़क, स्कूल बस जैसी समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अनेकों बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन बार-बार आश्वासनों के बावजूद एसईसीएल प्रबंधन कुंभकरण निद्रा में लीन है। यही वजह है कि ग्रामीणों को मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर एक बार फिर सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा। गुरुवार को डेडरी गांव में ग्राम डेडरी समेत कुरुवां, सपकरा, मानी, सलका आदि ग्रामो के ग्रामीणों ने सुबह छह बजे ही मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर चक्का जाम करते हुए सड़क में धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया था। इस दौरान ग्रामीणों के साथ ही स्कूली छात्र छात्राओं में भी एसईसीएल प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। आंदोलित ग्रामीणों की मांग थी कि खस्ताहल सड़क मार्ग का जल्द से जल्द चौड़ीकरण कराया जाए। मानी गांव में सीएसआर मद से स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाए। स्कूली बच्चों के स्कूल आने जाने के दौरान कोयला परिवहन में लगे वाहनों की नो एंट्री लागू की जाए। कोयला खान प्रभावित ग्रामों के स्कूली बच्चों को विश्रामपुर लाने एवं ले जाने के लिए चार स्कूल बस उपलब्ध कराई जाए। सालों पहले एसईसीएल प्रबंधन द्वारा निजी भूमि पर बनाई गई सड़क का प्रभावित भूस्वामियों को मुआवजा देने की कार्रवाई जल्द की जाए। इन मांगों को लेकर ग्रामीणों ने करीब 10 घंटे चक्का जाम कर कोयला परिवहन ठप रखा। चक्का जाम करने वालों में भाजपा नेता पुष्पा सिंह, संध्या सिंह, सरपंच सोनामनी सिंह, दरोगा सिंह, अमित कुमार, भदर सिंह, पुनेश्वर सिंह, कामता प्रताप सिंह, बलिंदर राजवाड़े, बालमुकुंद सहित मानी, पोड़ी, सपकरा , डेडरी, सलका के आंदोलन के ग्रामीण उपस्थित रहे। एसईसीएल प्रबंधन एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तहसीलदार डा़ वर्षा बंसल ने स्कूल प्रारंभ एवं बंद होने के समय में बड़े वाहनों पर रोक लगाने के आदेश दिए। इसी क्रम में एसडीएम रवि सिंह की मौजूदगी में एसईसीएल प्रबंधन ने आंदोलित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शुक्रवार से स्कूली बच्चों के लिए दो स्कूल बस की व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी। सड़क किनारे हुए कटाव को पखवाड़े भर में भर दिया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और बारिश के अंत तक चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए शुक्रवार को सूरजपुर कलेक्टर की उपस्थिति में चर्चा करना निर्धारित किया गया। उसके बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।























