
बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण आए दिन कोयला खान क्षेत्रों में कलपुर्जो समेत कोयला व कबाड़ चोरी की घटना हो रही है। शनिवार सुबह लंबे समय से बंद एसईसीएल के ईएन्डएम वर्कशाप की दीवार में सेंध लगाकर चोर गिरोह के सदस्यों ने हजारों रुपये लागत के एक सौ से अधिक नग मशीनी कलपुर्जो की चोरी कर ली। इस आशय की लिखित सूचना एसईसीएल प्रबंधन ने स्थानीय थाने में दी है।एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र का ईएन्डएम वर्कशाप पिछले करीब पांच साल से बंद पड़ा है। बंद वर्कशॉप में काफी मात्रा में मशीनें एवं कबाड़ रखा है। जहां एसईसीएल के सुरक्षा विभाग द्वारा किसी भी सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। प्रथम पाली में वर्कशॉप के एकमात्र कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाती है। द्वितीय व रात्रि पाली में दो अथवा तीन विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी सुरक्षा के लिए लगाई जाती है।
शनिवार को प्रथम पाली में सुबह छह बजे ईएंडएम वर्कशाप में सुरक्षा कार्य में फोरमैन एसके द्विवेदी की ड्यूटी थी। उसी दौरान वर्कशाप परिसर में घुसे चोर गिरोह के सदस्यों ने वर्कशॉप बिल्डिंग की दो खिडक़ी के नीचे दीवार में सेंध लगाकर दिनदहाड़े हजारो रुपये लागत के एक सौ से अधिक मशीनी कलपुर्जो की चोरी कर ली। इसकी सूचना एसईसीएल बिश्रामपुर ओसीएम के खान अभियंता ईएन्डएम ने बिश्रामपुर थाने में दी है। इसमें चोरों द्वारा वर्कशॉप की दीवार में सेंध लगाकर काफी मात्रा में कलपुर्जे की चोरी की गई है। चोर गिरोह के सदस्यों द्वारा दो दिन पूर्व एसईसीएल के रीजनल वर्कशॉप की दीवार में भी सेंधमारी कर चोरी करने की कोशिश की गई थी। ऐसे ही आए दिन चोरों द्वारा एसईसीएल के विभिन्न संस्थानों एवं कोयला खान क्षेत्रों में चोरी की वारदात को बेरोकटोक अंजाम दिया जा रहा है। अनेक चोरियों की तो रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई जाती है। चोरी के संबंध में एसईसीएल के सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार मातहतों से पूछे जाने पर उनके द्वारा हर बार सुरक्षाकर्मियों की कमी का रोना रोया जाता है। एसईसीएल का सुरक्षा महकमा कोयला खान क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर हो रही चोरियों को रोक पाने में पूरी तरह नकारा साबित हो रहा है। यह सच है कि सुरक्षा महकमा कोयला खान क्षेत्रों में चोरी की घटना रोक पाने में पूरी तरह नाकाम है। आए दिन बेशकीमती कलपुर्जों की चोरी से कंपनी को भारी क्षति हो रही है। चोरों द्वारा अक्सर रात्रिपल्ली में ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को बंधक बनाकर मारपीट किए जाने से कोयला कामगार दहशत में है। कोयला कामगारों के साथ कभी भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। चोरी की वारदातों पर रोक लगाना कंपनी हित में आवश्यक है।




















