
एसईसीएल प्रबंधन को लाखों का नुकसाान
कोरबा। भारत सरकार के लाभकारी सार्वजनिक उपक्रम साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की दीपका खदान विस्तार में पिछली रात वज्रपात हो गया। इस घटना में 240 टन क्षमता वाले दो भारी डम्पर प्रभावित हुए। एक का टायर फटने के असर से बगल के डम्पर के सामने के कांच टूट गए। और भी स्तर पर यहां नुकसान हुआ। उचित सुरक्षा प्रबंध नहीं करने के कारण यह घटना हुई है।
पिछली रात्रि 10 बजे के आसपास एसईसीएल दीपका विस्तार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दीपका कोयला खदान में यह घटना हुई। इससे प्रबंधन को न केवल भारी चपत लगी बल्कि उसके मैकेनाइज्ड सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ा। हमारे प्रतिनिधि ने इस बारे में जानकारी दी है कि एसईसीएल दीपका खदान के डम्पर यार्ड जिसे हार्ड स्टैंड के नाम से भी जाना जाता है, वहां आकाशीय बिजली गिरने क घटना हुई। शाम से कोल फील्ड्स में मौसम बिगड़ा हुआ था और हल्की मध्यम गति से बारिश हो रही थी। कुछ घंटे बाद माौसम ने तेवर बदले। इस दौरान भारी गर्जना के साथ इस जगह पर आकाशीय बिजली का गिरना हुआ। बताया गया कि वज्रपात के प्रभाव से एक हेवी डम्पर का पहिया फट गया। जबकि इसकी जोर की आवाज से असर से बगल में खड़े दूसरे डम्पर का कांच क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं नजदीक में ही मौजूद बोलेरो कैम्पर का बोनट भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रबंधन की ओर से बताया कि अकेले डम्पर का एक पहिया फूटने से 22 लाख से ज्यादा की चपत लगी है। जबकि दो अन्य वाहन में जिस तरह से नुकसान हुआ है उससे भी आर्थिक क्षति पहुंची है। चूंकि यह सब प्राकृतिक कारणों से हुआ है इसलिए इसमें जवाबदेही का मसला नहीं है। इन सबके बावजूद संबंधित क्षतिग्रस्त वाहनों के चक्कर में एसईसीएल के कामकाज में कुछ हद तक प्रभाव पडऩा तय माना जा रहा है। इनके सुधार पर अब प्रबंधन को अपनी ओर से खर्च करने पड़ेंगे।
तडि़त नहीं लगा है क्षेत्र में
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अत्याधिक जोखिम प्रकृति के कार्य जहां पर होते हैं और जिनके चक्कर में भारी-भरकम लाभ प्राप्त होता है, उस इलाके को वज्रपात और अन्य खतरनाक घटनाओं के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष प्रबंध करने की जरूरत नहीं समझी गई है। यहां पर तडि़त चालक स्थापित नहीं किया गया है। इसलिए वज्रपात की घटना नहीं टाली जा सकी। कहा जा रहा है कि अगर प्राथमिकता के साथ इस दिशा में काम किया गया होता तो घटना से बचा जा सकता था।
बाल-बाल बचे तीन लोग
कई बार ऐसा होता है जब बड़े हादसे होकर रह जाते हैं और देवयोग से जिंदगियां बच जाती हैं। गुरुवार की रात दीपका खदान में वज्रपात की घटना में तीन लोग इसी अंदाज में बच गए। उनके सामने बिजली गिरने की घटना हुई। संबंधित लोग जिनमें जैमको कंपनी के ड्राइवर और कर्मचारी शामिल हैं, क्षतिग्रस्त हुई बोलेरो कैम्पर के अंदर बैठे हुए थे। मौसम बिगडऩे के चक्कर में वे यहां से नहीं जा सके। उनके सामने घटना हुई लेकिन उनका बाल बांका नहीं हो सका। इस घटना से ये लोग हैरान है।
अब याद आई सुरक्षा की, लगाया नोटिस
आकाशील बिजली गिरने की घटना से आखिरकार एसईसीएल प्रबंधन ने फौरी तौर पर सबक लेना जरूरी समझा। अब उसे सुरक्षा की याद आई। एसईसीएल दीपका के खान प्रबंधक के द्वारा एक आदेश जारी करते हुए कर्मियों को कहा गया है कि बारिश और गर्जना के समय डम्पर और अन्य मशीन के आसपास न रहें और सुरक्षित जगह पर चले जाएं। ऐसा करने से सभी सुरक्षित रह सकते हैं।


















