
जम्मू, १९ सितम्बर।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के युवा अब उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। असमंजस का दौर खत्म होने के बाद अब प्रदेश के युवा, बेहतर भविष्य के सपनों को साकार होता देख रहे हैं। उन्हें आत्मनिर्भरता का रास्ता मिशन यूथ ने दिखाया है। प्रदेश में चार साल के अरसे में युवाओं के उत्साह में वृद्धि हुई है। शिक्षा, कौशल विकास, कोचिंग, स्वयं सेवा, वित्तीय सहयोग, तकनीकी ट्रेनिंग की योजनाओं को पारदर्शिता से प्रभावी बनाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई मील के पत्थर स्थापित किए गए हैं। जन केंद्रित प्रशासन अब खुद युवाओं तक पहुंचकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने की राह पर आगे बढ़ा रहा है।प्रदेश में यहां मुमकिन योजना के तहत मिले वित्तीय सहयोग से 9189 युवाओं ने स्वयंरोजगार स्थापित किए तो वहीं तेसस्विनी योजना के जरिए 6449 महिला उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद दी गई। इसके साथ परवाज योजना के तहत भी और प्रभावी सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग शामिल था। योजनाओं के तहत 61,000 से अधिक युवा लाभान्वित हुए हैं और पिछले दो वर्षों में ही लगभग 5 लाख युवा जुड़े हुए हैं। सरकार की प्रमुख पहल मिशन यूथ ने संविधान में एक अस्थायी प्रावधान अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू और कश्मीर में युवाओं के जीवन को बदल दिया है।पांच अगस्त, 2019 के बाद जब केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के अपने फैसले की घोषणा की, मिशन यूथ के विचार की कल्पना की गई और जे-के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने इसे लागू किया। मिशन यूथ की अवधारणा युवाओं की अपने और अपने परिवार के लिए एक अच्छा जीवन जीने की आकांक्षाओं को पूरा करने के इर्द-गिर्द घूमती है।
प्रशासन ने मिशन यूथ के माध्यम से बुनियादी ढांचे का निर्माण करके और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए योजनाओं और नीतियों को पेश करके युवाओं को शामिल करने के लिए कई कदम उठाए। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर की लगभग 70 प्रतिशत आबादी में 35 वर्ष से कम आयु के युवा शामिल हैं। इसका उद्देश्य सभी युवा जुड़ाव और आउटरीच पहलों के समग्र कार्यान्वयन के लिए एक मंच प्रदान करना और युवाओं के हितों और सशक्तिकरण को नीति निर्माण के केंद्र में लाना था।सरकार ने 2019 के बाद युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का हर संभव प्रयास किया है और इसमें मिशन यूथ की अहम भूमिका रही है। मिशन यूथ ने विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की शुरुआत करके युवाओं की चिंता को दूर करने के लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करने की दिशा में काम किया है। इसने युवाओं में वित्तीय असुरक्षा और संकट को दूर करने की कोशिश की है।























