
कोरिया बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन द्वारा ग्राम पंचायत पटना को नगर पंचायत बनाने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। संयुक्त सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में नगर पंचायत पटना की सीमा में सम्मिलित किए जाने वाले ग्राम पंचायत पटना की जनसंख्या वर्ष 2011 के अनुसार 5 हजार 124 है। ग्राम पंचायत पटना की सीमाएं ही नगर पंचायत पटना की सीमाएं होंगी। उन्होंने बताया कि उक्त अधिसूचना के छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित होने के 21 दिन के भीतर कोई भी स्थानीय प्राधिकारी व कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति या सुझाव कलेक्ट्रेट कार्यालय में राज्य शासन के विनिश्चय के लिए कार्यालयीन दिवस में सम्पर्क कर सकते हैं। गौरतलब हैं कि ग्राम पंचायत पटना अब जारी दिशा निर्देश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पंचायत पटना बनकर अस्तित्व में आ जायेगा ।20 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में गठन को लेकर अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायत पटना की सीमाएं ही नगर पंचायत पटना की सीमाएं होंगी। इस दिशा में नगरीय प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशन के बाद जिला प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। प्रशासन ने नई नगर पंचायत के गठन की सूचना प्रकाशित कर लोगों से दावा आपत्ति मंगाया गया हैं। दावा-आपत्ति के लिए लोगों को 21 दिन का समय दिया गया था। यदि कोई आपत्ति नही रहा तो नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगर पंचायत के गठन की अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशित कर कानूनी रूप दे दिया जाएगा । उल्लेखनीय है कि पटना को नपं बनाने की मांग सालों से हो रही थी। बीजेपी शासन काल में यह मांग उठी थी लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई। फिर मांग उठनी बंद हो गई थी। फिर सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार के गर्मी के दिनों में हुए भेंट मुलाकात कार्यक्रम कोरिया जिले के पटना में होने के दौरान स्थानीय विधायक अम्बिका सिंहदेव की मांग व जनता से मिले समर्थन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी घोषणा की थी जहा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव व अन्य जानकारी जिला प्रशासन से मांगी गई थी और फिर पटना ग्राम पंचायत को नपं बनाने की कार्यवाही की अधिसूचना जारी कर दिया गया । किसी नए पंचायत को शामिल किए बगैर पटना को नगर पंचायत बनाया जायेगा । 2011 की जनगणना के अनुसार पटना की जनसंख्या 5124 है। हालांकि इन 12 सालों में जनसंख्या बढ़ चुकी है। नपं बन जाने के बाद लोगों को नगरीय निकायों की तरह बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि अब उनसे संपत्तिकर और समेकितकर भी लिया जाएगा। इसी तरह चुनाव नही होने तक जारी निर्देश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां के सरपंच अब नपं अध्यक्ष और 20 पंच भविष्य में प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्षद कहलाएंगे वही चुनाव होने पर अध्यक्ष व पार्षद बनने प्रत्याशी को चुनाव जीतना पढ़ेगा ।

























