कई लोगों से धोखाधड़ी, न्याय पाने पहुंचे पुलिस के पास

एचएमएस नेता पांडेय पर कई आरोप
कोरबा। एसईसीएल गेवरा-दीपका क्षेत्र में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कई लोगों के मामले में एचएमएस नेता नाथूलाल पांडेय की भूमिका को लेकर दीपका पुलिस थाना में शिकायत की गई है। लोगों ने न्याय की मांग की है। शिकायत करने वालों में घनश्याम सिंह पाहुजा, धीरज कुमार, मानसिंह, सीताराम जायसवाल, श्रीकांत प्रजापति, मुन्नालाल, रामेश्वर दास, राजाराम, रामप्रसाद व अन्य शामिल हैं। इन लोगों ने बताया कि एसईसीएल की कंपनी रोहिणी एसोसिएट्स, एक्स मिलिट्रीमेन इंटरप्राइजेस, केटीएनटी में 160 लोग कार्यरत रहे हैं। इन कंपनियों के पास वैध लेबर लाइसेंस नहीं था। कंपनियों ने 1988 में सारे वकर्स को काम से बैठा दिया गया। इन कंपनियों के कर्मियों को 8 घंटा से ज्यादा ड्यूटी पर ओटी भुगतान करने व रेगुलर करने की मांग को लेकर एचएमएस नेता नाथूललाल पांडेय के द्वारा श्रम न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया। निराकरण न होने पर उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट लगाई गई। कहा गया कि वकर्स को कुल एरियर्स राशि एक करोड़ 40 लाख का भुगतान तुरंत करें और आधी राशि हाईकोर्ट में जमा कराएं। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार एसईसीएल ने श्रमायुक्त के समक्ष 21 जून 1997 को दो दिवसीय कार्यक्रम रखकर अपने एम्प्लाइज से पहचान कराई गई और एरियर्स राशि का भुगतान कराया गया। वर्ष 2000 से लेकर यह मामला विचाराधीन है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ कामगारों से श्रमिक नेता ने साइन कराकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कोरबा से झोलकर ज्वाइंट खाता खुलवाया गया और गोलमाल कर दिया। पुलिस को की गई शिकायत में कहा गया है कि बीच-बीच में पांडेय के द्वारा गेवरा-दीपका आकर मीटिंग करते हुए रेगुलर ड्यूटी का झांसा देकर व्हाउचर में साइन कराया गया। इसके अलावा वकील को फीस देने की बात कहकर फिक्स्ड डिपाजिट में से भी कुछ राशि निकाल ली गई। इस तरह से कामगारों के साथ भारी हेरफेर किया गया है। शिकायत में कई प्रकार के आरोप लगााए गए हैं जो चौकाने वाले हैं। आर्थिक अनियमितता को लेकर अनेक जानकारी पुलिस को दी गई है और कहा गया है कि एचएमएस नेता के विरूद्ध धोखाधड़ी का कायम करते हुए हमें न्याय दिलाया जाए।

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