
बाराबंकी, १२ अक्टूबर । बुखार से पीडि़त लोगों के मरने का सिलसिला जारी है। जिले में अलग-अलग स्थानों के रहने वाले एक बालिका सहित चार लोगों की बुधवार को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सालयों में मलेरिया की मंगलवार को 1031 व डेंगू की 237 जांचें कराई गई थीं, जिसमें सात लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें दो रोगी सीएचसी जाटा बरौली व पांच नगर क्षेत्र के हैं। सीएचसी फतेहपुर क्षेत्र के चिरैया गांव के रहने वाले राजू की छह वर्षीय पुत्री प्रियांशी की तेज बुखार से पीडि़त थी, जिसकी मंगलवार रात लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में मौत हो गई। बुधवार को शव गांव लाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. अवनीश कुमार के मुताबिक, बालिका बुखार से पीडि़त थी, लेकिन डेंगू रिपोर्ट निगेटिव निकली थी। प्लेटलेट्स 38 हजार थी। सांस लेने में दिक्कत थी। गांव जाकर जांच की गई।अन्य कोई रोगी गांव में नहीं मिला। रामनगर थाना क्षेत्र के बरियारपुर निवासी 50 वर्षीय सुरेश चंद्र मिश्रा व साधरणपुर निवासी 30 वर्षीय अनिल कुमार चतुर्वेदी की कई दिनों से बुखार से पीडि़त थे, दोनों का बुधवार को निधन हो गया। अनिल निजी विद्यालय में शिक्षक तथा सुरेश चंद्र एक मंदिर में पुजारी थे। कोटवाधाम निवासी 47 वर्षीय अनिल गुप्ता भी कई दिनों से बुखार से पीडि़त थे। लखनऊ के बलरामपुर चिकित्सालय में भी इलाज कराया गया था, हालत में थोड़ा सुधार होने पर घर ले आए थे। बुधवार को घर में ही मौत हो गई।सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि रामनगर में हुई मौतों के बारे में जानकारी नहीं है। वहां टीम भेजी जाएगी। फतेहपुर के चिरैया गांव में बालिका की मौत अन्य बीमारी के कारण हुई है। कोटवाधाम के अनिल गुप्ता एक महीने से बीमार चल रहे थे।बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से फतेहपुर सीएचसी के रईचनमऊ में शिविर लगाया गया। 37 में 15 मरीज बुखार के देखे गए। इसी तरह सुढिय़ामऊ में 74 में चार, ददौरा में 36 में दो, सलेमाबाद में 28 में एक, नया गांव में 25 में दो, खरिहानी में 59 में तीन, कोटवाधाम में 64 में आठ, मेहंदीपुर, टिकरा, उस्मा, बलछट में 53 में 18, तुलीपुर में 67 में 23, प्यारेपुर में 71 में 15, आवास विकास, बड़ेल, जाटा, बंकी, दशहराबाग व लखपेड़ाबाग में 108 मरीजों में बुखार के 16 मरीज देखे गए।













