
चेन्नई,14 अक्टूबर [एजेंसी]। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच नौका सेवा से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और लंबे समय से कायम रिश्ते मजबूत होंगे।भारत के नागपत्तिनम से श्रीलंका तक नौका सेवा को हरी झंडी दिखाने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से दिए संबोधन में मोदी ने कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की हाल की यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी के लिए एक दृष्टि पत्र संयुक्त रूप से स्वीकार किया था। उन्होंने कहा, ”कनेक्टिविटी इस साझेदारी की मुख्य थीम है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”महान कवि सुब्रमण्यम भारती ने अपने गीत सिंधु नधियिन मिसाई… में हमारे दोनों देशों (भारत और श्रीलंका) को जोड़ने वाले एक पुल के बारे में बात की थी। यह नौका सेवा उन सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत बनाती है।उन्होंने कहा, ”कनेक्टिविटी के लिए हमारी दूरदृष्टि परिवहन क्षेत्र से आगे की है।
भारत और श्रीलंका फिनटेक और ऊर्जा जैसे व्यापक क्षेत्रों में करीबी सहयोग करते हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच नौका सेवा से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और लंबे समय से कायम रिश्ते मजबूत होंगे। उन्होंने भारत-श्रीलंका के संबंधों पर कहा, भारत और श्रीलंका संस्कृति, वाणिज्य और सभ्यता का गहरा इतिहास साझा करते हैं। हम भारत और श्रीलंका के बीच राजनयिक और आर्थिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। यह नौका सेवा उन सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को जीवंत बनाती है। यूपीआई के कारण भारत में डिजिटल भुगतान जीवन का एक तरीका बन गया है, हम यूपीआई और लंका पे को जोड़कर फिनटेक सेक्टर कनेक्टिविटी पर काम कर रहे हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने इसे भारत-श्रीलंका के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच की कनेक्टिविटी उत्तर में हो रहे युद्ध के कारण बाधित हो गया था, लेकिन अब फिर से एक बार कनेक्टिविटी को बढ़ाने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, मैंने इस बारे में पीएम मोदी से बात की थी और मैं उनका और भारतीय शिपिंग निगम का उनके किरदार के लिए धन्यावाद करता हूं।
































