
इस्लामाबाद, २२ अक्टूबर ।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पाकिस्तान पहुंचते ही बड़ा बयान दिया है। लाहौर स्थित मीनार-ए-पाकिस्तान में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें परमाणु परीक्षण रोकने के लिए पांच अरब डालर देने की पेशकश की थी। 1998 में भारत द्वारा परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद पाकिस्तान पर इस तरह का कदम नहीं उठाने के लिए विदेशी सरकारों का भारी दबाव था। विदेश मंत्रालय में इसका रिकार्ड होगा कि क्लिंटन ने हमें पांच अरब डालर देने की पेशकश की थी। हमें एक अरब डालर और दिया जा सकता था। लेकिन, मैं पाकिस्तान की धरती से पैदा हुआ हूं। इसने मुझे पाकिस्तानी हित के खिलाफ कुछ भी स्वीकार करने की अनुमति नहीं दी। नवाज शरीफ अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी इमरान खान पर तंज कसते हुए शरीफ ने कहा, मुझे बताइए। मेरी जगह कोई दूसरा होता, तो क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने ऐसी बात कह पाता। शरीफ ने कहा कि हमने परमाणु परीक्षण किया और भारत को जवाब दिया। अगले साल होने वाले चुनाव के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) का अभियान शुरू करते हुए शरीफ भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि राजनीति के चलते मैंने अपनी मां और पत्नी को खोया।रुंधे गले से उन्होंने कहा कि मां, पिता और पत्नी को मैं अंतिम श्रद्धांजलि तक नहीं दे सका।
शरीफ ने उस घटना को भी याद किया, जब वह अपनी पुत्री के साथ पाकिस्तान की जेल में बंद थे और उनकी पत्नी का लंदन में निधन हो गया था। इससे पहले नवाज शरीफ चार वर्ष के स्व-निर्वासन के बाद शनिवार को स्वदेश लौट आए। जनवरी में संभावित आम चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व करने के तहत उनकी वापसी हुई है। पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे शरीफ 2019 में उपचार के लिए लंदन गए थे, लेकिन उसके बाद स्वदेश नहीं लौटे थे। शरीफ विशेष विमान से दुबई से इस्लामाबाद पहुंचे। वह शुक्रवार को लंदन से दुबई पहुंचे थे। विशेष विमान में उनके साथ परिवार के सदस्यों समेत करीब 150 पार्टी समर्थक भी रहे। एयरपोर्ट पर उतरने पर शरीफ की कानूनी टीम ने कुछ दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर लिए। ये दस्तावेज जमानत प्रक्रिया के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट में जमा करने हैं।
उनको कोर्ट से 24 अक्टूबर तक गिरफ्तारी से राहत मिली है।नवाज शरीफ पाकिस्तान के इकलौते नेता हैं, जो तख्तापलट की आशंका वाले देश में रिकार्ड तीन बार प्रधानमंत्री रहे। नेताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि देश की ताकतवर सेना से आशीर्वाद मिलने के बाद नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटे हैं।
































