मुक्तिधाम की स्थिति बदली, तालाब के सामने दुश्वारिया

लाखों खर्च के बाद भी हालात जस के तस
कोरबा। नगर के पोड़ीबहार स्थित मुक्तिधाम को नागरिकों की समिति ने रूचि लेकर बेहतर स्थिति में ला दिया है। दूसरी ओर इसके ठीक सामने स्थित सार्वजनिक तालाब के हालात अच्छे नहीं है। कई तरह की दुश्वारियां यहां बनी हुई है। ऐसे में अलग-अलग कार्यों के लिए तालाब में निस्तार करना काफी मुश्किल हो रहा है।
वार्ड क्र. 29 पोड़ीबहार में प्राचीन तालाब के दिन आखिर कब सुधरेंगे, इसे लेकर क्षेत्र के नागरिक चिंतित है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले सरोवहर-धरोवर योजना के तहत कई लाख रुपये सरकार ने खर्च किये थे और तालाब को काफी हद तक ठीक कर दिया था। बाद के वर्षों में आसपास के नागरिकोंं ने अपने स्तर पर श्रमदान किया और तालाब से गंदगी और खरपतवार हटाने के लिए अपने सरोकार दिखायें। एक समय तक तालाब अच्छी स्थिति में रहा और अब फिर से स्थिति जस की तस हो गई है। तस्वीरें बताती है कि तालाब के पूरे हिस्से में जलकुम्भी से लेकर अन्य वनस्पती का कब्जा हो गया है। तालाब के किनारे तटबंधों में भी गंदगी का साम्राज्य कायम है। और तो और आसपास से निकले वाला अपशिष्ट भी इसके आसपास डाल देने से हालात बिगड़ते जा रहे है। इन सबके चक्कर में तालाब में निस्तार कर पाना काफी जटिल हो गया है और लोगों को दूसरे विकल्प अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नागरिक चाहते है कि अंतिम रूप से विशेष अभियान चलाने के साथ तालाब को साफ कराया जाये।
नोटिस लगाने पर भी असर नहीं
तालाब का प्रबंधन देखने वाली समिति ने घाट के आसपास कई जगह इस आशय की सूचना लगा रखी है कि तालाब को साफ-सुधरा बनाये रखे और किसी भी तरह का कुड़ा-करकट और दूसरी चीजें इसमें न डाले। इसके बावजूद आसपास में रहने वाले लोग इसकी अनदेखी करते हुए तालाब को बदसूरत बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे है। जल संरक्षण के लिए काम करने वाले संगठन के पदाधिकारी इस बात पर चिंता जताते है कि जल स्रोतो की महत्ता सबके लिए सर्वविदित है और उनकी जिम्मेदारी सुरक्षा के नाते होना चाहिए। लेकिन इसकी कमी लगातार देखी जा रही है।

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