
लखनऊ, 0७ नवंबर । पश्चिम यूपी के शहरों की प्रदूषित हवा में सुधार के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। एनसीआर के यूपी के जिलों में 602 बड़े निर्माण कार्यों को बंद करा दिया है साथ ही निर्माण सामग्री को ढक कर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नियम न माने वाले 21 बड़े निर्माण स्थलों पर 57.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सरकार ने पराली व कूड़ा जलाने की घटनाएं रोकने के लिए और सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों में लगातार छिड़काव करने के लिए भी कहा गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने बताया कि सभी बड़े शहरों में मशीनों से सफाई केवल सुबह करने के निर्देश दिए गए हैं। एनसीआर के यूपी के जिलों में 48 मशीनों से हर दिन 589 किलोमीटर सड़क की सफाई की जा रही है। नगर विकास विभाग, यातायात पुलिस, परिवहन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी अपने-अपने स्तर से कार्रवाई कर वायु प्रदूषण में नियंत्रण के लिए कहा गया है। निर्माण कार्य स्थलों पर अनिवार्य रूप से ग्रीन नेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिन चौराहों पर यातायात का दबाव अधिक है, वहां अधिक संख्या में यातायात पुलिस लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाने की घटनाओं को सख्ती से रोकने के सरकार के निर्देश के बावजूद पिछले वर्ष से इस वर्ष ज्यादा पराली जली है। 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में 906 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं हुईं हैं जबकि इसी अवधि में पिछले वर्ष 748 घटनाएं हुईं थीं। यूपी के एनसीआर के जिलों में पिछले वर्ष इसी अवधि में 33 घटनाएं सामने आईं थी जबकि इस वर्ष 40 जगह पराली जली है। यातायात व परिवहन विभाग ने प्रदूषण फैलाने वाले 4.75 लाख वाहनों का चालान 31 अक्टूबर तक किया है। इन वाहन स्वामियों से 40.86 करोड़ रुपये का जुर्माना एनसीआर के यूपी के जिलों से वसूला गया है।

















