प्रदेश में 11 लाख से अधिक अपात्र राशन कार्ड निरस्त, 55 अधिकारियों पर भी गिरी गाज, इतने अरब की होगी बचत

श्रीनगर, 0८ नवंबर । जम्मू कश्मीर में विभागीय सतर्कता और विभिन्न सेवाओं को ऑनलाइन किए जाने का असर नजर आने लगा है। प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता और आधार से विभिन्न सेवाओं को जोडऩे का असर खाद्य आपूर्ति एवं जनवितरण में भी पारदर्शिता आई है। इसी के तहत खाद्य आपूर्ति विभाग ने 11.5 लाख अपात्र लोगों को राशन कार्ड से हटाया है। इस प्रत्येक वर्ष 230 करोड़ रुपये के खाद्यान्न की बचत होने लगी है। इसके अलावा प्रदेश में 90 हजार पात्र परिवारों को जन वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा प्रशासन ने आम लोगों को विभिन्न सेवाओं को समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर राजस्व विभाग के 55 अधिकारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन ने यह कदम जन सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उठाया है। यह अधिनियम ऑटो अपील सिस्टम से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को निश्चित समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराने पर कार्रवाई की अनुमति देता है। यही नहीं, बीते तीन वर्ष में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार में लिप्त 142 मामलों में अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति जुटाने के 29 मामले भी दर्ज किए हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने मंगलवार को प्रशासनिक सचिवों की बैठक लेकर सतर्कता सप्ताह में आयोजित गतिविधियों का जायजा लिया। सरकारी तंत्र को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने सतर्कता सप्ताह का आयोजन किया था। महाप्रशासनिक विभाग के आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में 1075 ई-सेवाएं सुनिश्चित की जा चुकी हैं। इनके अलावा मोबाइल दोस्त, रैपिड एसेसमेंट सिस्टम, डिजि दोस्त और डिजिलाकर जैसे मोबाइल एप भी शुरू किए गए हैं। इससे न सिर्फ जनता को विभिन्न सेवाएं उसके द्वार पर उपलब्ध कराने में, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी काबू पाने में मदद मिली है।ऑनलाइन सेवाओं के लिए 52 लाख आवेदनों में से 42 लाख आवेदनों को निपटाया जा चुका है। जन सेवा गारंटी अधिनियम के तहत ऑटो अपील की प्रणाली भी शुरु की गई है। अगर संबंधित अधिकारी समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो उक्त मामला उससे ऊपर के अधिकारी के पास पहुंच जाएगा। इस तरह 64 हजार अपील हुई हैं। इनमें से 32 हजार को निपटाया गया है। इसके अलावा समय रहते सेवा प्रदान करने में असमर्थ रहे राजस्व विभाग के 55 अधिकारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है। लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि का भुगतान डॉ. मेहता ने कहा कि बीमस और पेसिस के जरिए डिजिटल भुगतान का जिक्र करते हुए। कहा कि इससे प्रशासन ने 55 फ्लैगशिप योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता के वितरण के शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया है। सभी लाभान्वितों के खातों में सीधे धनराशि का भुगतान किया जाता है।इसके अलावा ई-टेंडर, किसी भी कार्य योजना के लिए तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी को अनिवार्य बनाए जाने से ही वर्ष 2022-23 के दौरान जम्मू कश्मीर में 92 हजार कार्य पूरे किए गए हैं, जो प्रदेश में अब तक सर्वाधिक हैं।मेहता ने बताया कि आपकी जमीन आपकी निगरानी और ऑनलाइन फर्द जैसी सेवाओं के कारण भी राजस्व विभाग के कामकाज में तेजी और पारदर्शिता का विकास हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी वर्ष 2021 से अब तक भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में 276 एफआइआर दर्ज की और 142 मामलों में दोषियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा किया है।

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