विधानसभा उपाध्यक्ष से इस्तीफा देंगे रजनीकांत, पांच माह पहले विक्रम केशरी ने अध्यक्ष पद से दिया था त्यागपत्र

भुवनेश्वर, 0८ नवंबर । बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता रजनीकांत सिंह को पार्टी ने ओडिशा विधानसभा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है। वह आम चुनाव के मद्देनजर अपने चुनावी क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से इस्तीफा देंगे। उनके बुधवार को विधानसभा उपाध्यक्ष से औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने की उम्मीद है। इसी तरह बीजद ने पांच महीने पहले बिक्रम केशरी आरुख को विधानसभा अध्यक्ष पद से हटा लिया था। सूचना के मुताबिक 2024 के आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पार्टी अनुगुल जिले में बीजद संगठन को मजबूत करने के लिए रजनीकांत सिंह पर भरोसा कर रही है। ढेंकानाल संसदीय क्षेत्र अंतर्गत अनुगुल और पाललहड़ा विधानसभा क्षेत्रों में बीजद का संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।आंतरिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर बीजद ने उन्हें उपाध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया है। उन्हें दो दिन पहले ऐसा करने का आदेश दिया गया है। इस बारे में संपर्क किए जाने पर विधानसभा उपाध्यक्ष रजनीकांत सिंह ने कहा कि वह कल भुवनेश्वर जाएंगे। जो कुछ बात है वह बुधवार को भुवनेश्वर में ही कहेंगे। हालांकि, उन्होंने विधानसभा उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की खबरों का खंडन नहीं किया।ऐसे में विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार सिंह बुधवार को भुवनेश्वर में विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपेंगे। हालांकि, सिंह के विधानसभा उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद भी उन्हें मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने की संभावना बहुत कम है। बीजद सूत्रों ने बताया कि न ही उनकी जगह किसी अन्य नेता को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। बीजद सूत्रों के अनुसार, पार्टी के एक आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार, सिंह को उपाध्यक्ष का पद छोडऩे और अपने निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया है क्योंकि अनुगुल जिले में पार्टी की स्थिति खराब हो रही है।अनुगुल विधानसभा सीट से लगातार चार बार जीतने वाले सिंह जून 2019 से विधानसभा उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। वह इस संवैधानिक पद पर थे, इसलिए संगठनात्मक कार्य संभव नहीं था, जिसका प्रभाव पंचायत और नगरपालिका चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया था।2014 और 2019 के आम चुनावों में रजनीकांत को बीजेपी उम्मीदवार से कड़ी टक्कर मिली थी। 2019 में उन्होंने सिर्फ 8,823 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संबलपुर या ढेंकानाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इन दोनों संसदीय क्षेत्रों की राजनीति पर अनुगुल के प्रभाव को देखते हुए बीजद अपने दिग्गज नेता रजनीकांत सिंह के जरिए अपने संगठनात्मक कार्य को मजबूत करना चाहती है। बीजद के संगठन सचिव प्रणव प्रकाश दास अनुगुल जिले के लिए पार्टी पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि भंजनगर खासकर गंजाम जिले में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति कमजोर होने के बाद पार्टी ने बिक्रम केशरी आरुख को विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्देश दिया था। पार्टी ने उन्हें मंत्री मंडल में शामिल किया है। और उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी संगठन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी

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