
पतलीकूहल, २२ नवंबर । जिला कुल्लू के पतलीकूहल क्षेत्र में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता भारतीय नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भारत सरकार की एक पहल है ताकि उनके स्वास्थ्य संबंधी डेटा का एक केंद्रीकृत डेटाबेस स्थापित किया जा सके। इसी मिशन के तहत सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र पतलीकूहल की टीम ने केंद्र के प्रभाारी के नेतृत्व में ग्राम पंचायत बड़ाग्रां से एनसीडी कैंप की शुरूआत की। गैर-संचारी रोग (एनसीडी) जिन्हें पुरानी बीमारियों के रूप में जाना जाता है जो लंबी अवधि के होते हैं और आनुवंशिक, शारीरिक, पर्यावरणीय और व्यवहार संबंधी कारकों के संयोजन का परिणाम होते हैं। एनसीडी के हदय संबंधी रोग, कैंसर, पुरानी श्वसन रोग और अस्थमा, मधुमेह है। एनसीडी का नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण तरीका इन बीमारियों से जुड़े जोखिम कारकों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना है। सामान्य परिवर्तनीय जोखिम कारकों को कम करने के लिए सरकारों और अन्य हितधारकों के लिए कम लागत वाले समाधान मौजूद हैं। स्वास्थ्य केंद्र पतलीकूहल के प्रभारी डॅा.मोहित शर्मा ने बताया कि टीम ने ग्राम पंचायत बड़ाग्रां में लगभग 35 लोगों के बीमारियों के लक्ष्णों के माध्यम से स्क्रीनिंग व डेटा बेस एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया। उन्होंने बताया किइस अवसर पर सीएचओ सुनिता, ग्राम पंचायत प्रधान कौशल्या देवी, उप प्रधान लाल सिंह, वार्ड पंच शीला देवी, प्रेम चंद, नंद लाल, केतकी देवी, सुनिता व कृष्णा उपस्थित रही।से पैसा मांगा। इस बात पर आरोपितों ने उनको विद्या देवी के नाम के चेक दे दिए लेकिन वह बाउंस हो गए। अब संजीव ने शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया है।
























