
कोरबा। जिले में धान खरीदी धीमी है। इसकी सबसे बड़ी वजह किसानों को कर्जमाफी की उम्मीद है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान कर्जमाफी की घोषणा की गई थी। यहीं कारण है कि किसान अपना धान बेचने नहीं आ रहे हैं किसानों का कहना है कि अगर वे धान बेचने के लिए जाएंगे तो उनके कर्ज की राशि धान बेचने के साथ कट जाएगी। यहीं कारण है कि वे धान बेचने के लिए दिसंबर माह का इंतजार कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धान बेचने में जल्दी करें, ताकि उन्हें कर्जमाफी का लाभ मिल सके।

























