असहनीय पीड़ा:दादा ने पोते को दी मुखाग्नि

अंबिकापुर। उदयपुर के समीप बस व कार की टक्कर में मिश्रा परिवार पर बज्रापात हुआ है। असहनीय वेदना की घड़ी आई है। दुर्घटना में मृत श्रेयांश मिश्रा(14) का अंतिम संस्कार अंबिकापुर के शंकरघाट में किया गया। मुखाग्नि श्रेयांश के दादा ने दी। श्रेयांश के पिता अमित मिश्रा अभी भी मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर के वेंटिलेटर पर जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मां रागिनी मिश्रा व बहन नैंसी मिश्रा को राजधानी रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। परिवार के सदस्य रायपुर और अंबिकापुर में अपनों की देखभाल में लगे हुए हैं। मंगलवार व बुधवार की रात लगभग ढाई से तीन बजे के बीच उदयपुर के अलकापुरी मोड़ के पास एग्री एफि़क्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जीएम (सेल्स) अमित मिश्रा की कार सामने से आ रही बस से टकरा गई थी। बस लगभग 10 मीटर तक कार को घसीटने के बाद पलट गया था। बस यात्रियों को चोट नहीं आई थी। इस दुर्घटना में अमित मिश्रा(40) के साथ बगल की सीट पर बैठे उनके सुपुत्र श्रेयांश की मौत हो गई थी। अमित मिश्रा उनकी पत्नी रागिनी मिश्रा(35) व सुपुत्री नैंसी मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार में लगभग दो घण्टे तक फंसे रहे अमित मिश्रा को वेंटिलेटर में रखा गया है। 24 घण्टे से अधिक समय से वे जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। रागिनी की कमर एवं हाथ की हड्डी टूटी है एवं पुत्री नैंसी मिश्रा को लीवर में चोट होने के कारण उच्चतम उपचार हेतु मल्टी स्पेशिलिटी सेंटर रिफर किया गया था।मां-बेटी को रायपुर में शिफ्ट कर दिया गया है। इधर बुधवार देर रात गंभीर रूप से घायल अमित मिश्रा के पिता, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अंबिकापुर पहुंचे। पोते श्रेयांश का शव देखकर वे फफक पड़े। उनकी असहनीय पीड़ा देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई। श्रेयांश का पोस्टमार्टम अंबिकापुर में किया गया। चूंकि श्रेयांश के पिता गंभीर स्थिति में अस्पताल में ही हैं। उनकी पत्नी व बेटी रायपुर में हैं। स्वजनों को ही इन सबकी देखभाल करनी है। इसलिए श्रेयांश के शव का अंतिम संस्कार अंबिकापुर में ही कर दिया गया। स्वजन के साथ अमित मिश्रा के सहयोगी और साथ में काम करने वाले लोग भी थे। गमगीन माहौल में नम आंखों से जब दादा ने पोते को मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें भींग गई। लोग यही कहते रहे कि किसी भी परिवार को ऐसा दुख जीवन में न देखना पड़े। स्वजन की चिंता शेष घायलों को लेकर भी है। हर कोई सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहा है। एग्री एफि़क्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जीएम (सेल्स) अमित मिश्रा मूलत: थाना साठी ग्राम सतवरिया बेतिया (पश्चिमी चंपारण) के रहने वाले है। छठ पर वे पत्नी,पुत्र और पुत्री के साथ गांव गए थे। यहां परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर सभी ने छठ पर्व मनाया था। इनके घर पहुंचने पर खुशी का माहौल था। परिवार के सभी सदस्य एकत्रित हुए थे। रायपुर जाने के लिए गांव से निकलने से पहले भी उन्होंने सभी से मुलाकात की थी। हंसी खुशी घर से निकलने के बाद स्वजन उनके सकुशल रायपुर पहुंच जाने की सूचना की प्रतीक्षा में थे लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। बिलासपुर मार्ग पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार की दोपहर अमित मिश्रा अपनी कार से पत्नी ,पुत्र और पुत्री को साथ लेकर रायपुर के लिए निकले थे। रात लगभग 11 बजे सभी अंबिकापुर पहुंच गए थे। यहां चारों ने एक साथ भोजन भी किया था। कुछ देर आराम करने के बाद सभी रायपुर के लिए रवाना हुए थे। रात को बिलासपुर,रायपुर के लिए दर्जनों बसें आना-जाना करती हैं। रात को निकल जाने से सुबह-सुबह रायपुर पहुंच जाने की इच्छा थी लेकिन उदयपुर के अलकापुरी के खतरनाक मोड़ पर ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान अचानक सामने से तेज गति की बस के आ जाने के कारण यह भीषण सड़क हादसा हो गया जिसने मिश्रा परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार को ऐसा दुख मिला है जिसकी भरपाई जीवन भर नहीं हो सकती।

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