
कोरिया बैकुंठपुर। जिले के बैकुंठपुर वन मंडल क्षेत्र अंतर्गत पिपरहिया बीट के सोंस गांव में कुएं में दो शावकों समेत चार भालू देर रात कुएं में गिर गए । कुएं में भालू होने की खबर लगते ही मौके पर देखने वालों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भालू को सुरक्षित बाहर निकालकर पिपरहिया बीट के वन में छोड़ दिया है।
दरअसल जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सोस गांव में किसान के खेत में एक कुआं स्थित है। कुएं के आसपास अरहर और मूंग फली की खेती की जा रही थी। माना जा रहा है कि भालू मूंग आदि को खाने के लिए खेत में आए होंगे इसके बाद वह अनुपयोगी कुएं में गिर गए। भालू बुधवार की रात कुएं में गिर गए थे। लोगों को इस बात की सूचना गुरुवार की सुबह लगी। जब ग्रामीण उस कुएं के पास पहुंचे तो गांव वालों ने सुना की कुएं के अंदर से एक अजीब तरह की आवाज आ रही है। आवाज सुनते ही ग्रामीणों ने तुरंत उसके अंदर देखा जहां भालू पानी में इधर से उधर चल रहे थे। भालू पानी में होने के बाद भी किसी तरह से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। वहीं आसपास के लोगों को भी इस बात का जानकारी जैसे ही लगी भालू को देखने ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से भालू को निकालने का काम शुरू किया गया। जेसीबी की मदद से पहुंचाने का रास्ता बनाया गया। पहले तो लंबे बांस के द्वारा उसको बाहर निकालने का प्रयास किया गया जिसमे सफलता नहीं मिली। उसके बाद जाल बनाया गया और रस्सी जाल के माध्यम से छह घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर भालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात ये रही कि कुएं में पानी कम था जिसकी वजह से भालू सुरक्षित रहे। वन विभाग के द्वारा रेस्क्यू होते ही भालू जंगल की ओर चले गए। ऐसा माना जा रहा है की भालू भूखा रहा होगा और खाने की तलाश में गांव की तरफ गया होगा। अंधेरा होने के चलते उसे कुंआ दिख नही पाया होगा और वो उसमे गिर गया होगा। बालों को बचाने के लिए गुरुवार की सुबह से ही रेस्क्यू अभियान चलाया गया। मौके पर डीएफओ समेत रेंजर तथा अन्य वनकर्मी भी पहुंच गए थे। वन विभाग के द्वारा पहले बस की सहायता से भालुओं को निकालने की कोशिश की गई। जब इससे बात नहीं बनी तो वन विभाग के द्वारा रस्सी से जाल बनाकर भालुओं को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला गया। कुएं से बाहर निकलते ही भालू वन परिक्षेत्र के जंगल की ओर दौड़ गया। 6 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाने के बाद जब चारों भालू सुरक्षित बचा लिए गए और जंगल की ओर छोड़े गए इसके बाद उपस्थित ग्रामीणों ने वन विभाग के लिए तालियां बजाई। मौके पर उपस्थित लोगों ने वन विभाग के अफसर की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।




















