
साफ सफाई पर ध्यान नहीं एसईसीएल का
कोरबा। स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि है कि साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और इसकी निगरानी भी हो। किसी भी कारण से उपेक्षा होने से हालत बिगाड़ सकते हैं। कुछ इसी प्रकार की स्थिति के चलते हैं। कोरबा में गंदगी के वातावरण के कारण पंप हाउस कॉलोनी मैं मच्छरों की बहुतायत हो गई है और इससे डेंगू का खतरा बढ़ गया है। पिछले दिनों एक छात्र के पीडि़त होने के बाद अब एक और युवक पर डेंगू ने पकड़ बना ली है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के द्वारा कोरबा के पंप हाउस कॉलोनी में साफ सफाई से संबंधित काम का ठेका निजी पार्टी को दिया गया है। इसके अंतर्गत निश्चित मात्रा में सफाई कर्मियों को लगाने के साथ कामकाज कराया जाना है। बताया जाता है कि नियमित रूप से सफाई से जुड़े काम इस इलाके में नहीं हो रहे हैं। दूसरी और सीवर लाइन की टूट फूट के कारण पूरा अपशिष्ट नालियों में पहुंच रहा है और वातावरण को प्रदूषित करने के साथ खतरे पैदा कर रहा है। इन सब के चक्कर में बीमारियों के वॉहक मच्छर उत्पन्न हो रहे हैं और अपने संपर्क में आने वाले लोगों को परेशानी में डाल रहे हैं। डेंगू की वजह से होने वाले बुखार और आगे के खतरों को सोचकर ही लोगों का मनोबल टूट रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि कॉरपोरेट कंपनी के स्थानीय विभागीय अस्पताल में इस बीमारी के उपचार को लेकर प्रभावी व्यवस्था नहीं है और संबंधितों को सही जानकारी देने में रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसे में पीडि़तों को आने वक्त पर निजी अस्पताल या फिर बाहर ले जाने के लिए परिजन मजबूर हो रहे हैं। हाल में ही इस प्रकार के मामले यहां देखने को मिले जिनमें पीडि़त पक्ष साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विभाग अस्पताल पहुंचा जहां पर डेंगू के उपचार के लिए जरूरी सहायता करने के बजाय उसे मानसिक रूप से परेशानी देने की कोशिश की गई और यहां से चलता कर दिया। खबर के मुताबिक पीडि़त पक्ष ने जब अपने पास आयुष्मान कार्ड होने और उसके माध्यम से उपचार करने की बात कही तो प्रबंधन ने इस पर से भी हाथ खींच लिए। तर्क दिया गया कि भले ही आयुष्मान स्वास्थ्य योजना भारत सरकार के द्वारा परिवर्तित की गई है लेकिन हम इसे एंटरटेन नहीं करते हैं। ऐसा आखिर कौन से नियम के अंतर्गत हो रहा है, यह बताने की जरूरत नहीं समझी गई। याद रहे कोरबा नगर में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की विभिन्न कॉलोनी मैं बुनियादी सुविधाओं को बेहतर स्थिति में लाने के लिए लगातार शिकायत की जाती रही है। कर्मियों और उनके परिजनों का कहना है कि अज्ञात कारणों से इस तरफ ईतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसकी जरूरत है।
कचरा निकाले तो फेकें कहां , सिविल विभाग उलझन में
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड कोरबा क्षेत्र में सिविल विभाग की व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि साफ सफाई का काम नरेंद्र कुमार नामक व्यक्ति को दिया गया है। हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या इस बात की है कि वह कॉलोनी में सफाई के बाद प्राप्त होने वाले कचरा को आखिर कहां डंप करें। जिस भी क्षेत्र में कचरा डंप किया जाता है उसे लेकर नगर निगम के द्वारा एतराज जताया जाता है और इसके साथ पेनल्टी भी की जाती है। ऐसी हालत में कामकाज आखिर कैसे हो यह हमारी समझ से परे है। चाहते हैं कि साफ सफाई से संबंधित कार्यों में जिस प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही है उसके लिए कोई अधिकारी या व्यक्ति हमारी सहायता करें।
सामान्य मरीज घर पर हो सकते हैं ठीक
मुख्य रूप से गंदगी के कारण पैदा होने वाले मच्छर ही डेंगू के लिए जिम्मेदार है। डेंगू से पीडि़त व्यक्ति को बुखार परेशान करता है। सामान्य पीडि़त चार प्राप्त करने के साथ अपने घर पर ही ठीक हो सकते हैं लेकिन प्लेटलेट कम होने की स्थिति में समस्याएं ज्यादा होती हैं और तब आईसीयू में एडमिट करने जैसे हालात निर्मित होते हैं। डेंगू जैसी बीमारी के लिए स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं है। सामान्य मेडिसिन के साथ पीडि़तों को बेहतर स्थिति में लाया जा सकता है।
डॉ. एसएन केसरी
सीएमएचओ, कोरबा
























