सर्द रात में सता रहा हाथियों का डर

बलरामपुर। सूरजपुर और बलरामपुर जिले के सीमावर्ती राजपुर विकासखंड के नरसिंहपुर, मरकाडाँड़ के ग्रामीण हाथियों के स्वच्छंद विचरण से भयभीत है। 28 हाथियों का दल क्षेत्र में विचरण कर रहा है।जंगली हाथियों के दल ने बुधवार की रात नरसिंहपुर के जंगल किनारे तीन झोपड़ीनुमा मकानों को जमींदोज कर दिया। बारिश से परेशान ग्रामीणों के समक्ष जंगली हाथियों से सुरक्षित बचने की भी चुनौती है। वन विभाग की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में मुनादी कराने के साथ ग्रामीणों को सतर्क करने में लगी हुई है। प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। बारिश से धान की पक चुकी फसल के खराब होने की चिंता सता रही है। खेत से लेकर खलिहान तक धान भीग चुका है।समर्थन मूल्य पर इस धान की बिक्री किसानों के लिए भी आसान नहीं हैं।चिंतित किसानों के समक्ष बाल- बच्चों के साथ हाथियों से सुरक्षित बचने की भी बड़ी चुनौती है। एक साथ 28 हाथी क्षेत्र में घूम रहे है। बुधवार को नरसिंहपुर के जंगल के समीप हाथी जमे थे। रात को हाथियों का दल नजदीक के खेतों में उतरा। जंगल किनारे कुछ लोगों ने फसलों को काटकर रखने के लिए झोपड़ीनुमा कच्चा मकान बनाया था। ऐसे तीन घरों को जंगली हाथियों ने तहस-नहस कर दिया। कई किसानों के खेतों की फसलों लो नुकसान पहुंचाया। उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम भी कठिन परिस्थितियों में मुस्तैद रही। गुरुवार भोर में जंगली हाथी आगे बढ़े। मरकाडाँड़, दुप्पी के बीच जंगल मे हाथी जमे हुए हैं। गुरुवार शाम को जंगली हाथियों के फिर से बाहर निकलने की संभावना को देखते हुए उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव, वन परिक्षेत्र अधिकारी महाजन लाल साहू, वनपाल अमृत प्रताप सिंह, वनरक्षक राकेश लकड़ा के साथ मैदानी कर्मचारी सक्रिय हो गए थे। वन विभाग की प्राथमिकता जनहानि रोकने की है। ठिठुरन भरी सर्द रात में जंगली हाथियों का भी डर ग्रामीणों को सता रहा है। मरकाडाँड़ , दुप्पी,चौरा व आसपास के क्षेत्र में ग्रामीणों को सजग किया जा रहा है।

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