
जांजगीर-चांपा। बलौदा पुलिस द्वारा एक बाइक चोर को गिरफ्तार किया है लेकिन उसके साथियों को रूपए लेकर छोड़ दिए जाने की खबर है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार बलौदा में जिस बाइक चोर को पुलिस ने पकड़ा है उस चोर का पूरा गिरोह है जो न केवल बलौदा बल्कि पूरे जिले में चोरी कर रहे हैं और पुलिस मामले की तह में जाने की बजाय चोर के केवल एक साथी को पकड़ कर छाती फुला रही है। मामला दरअसल इस तरह है कि 21.12.2023 को बलौदा के बस स्टैंड के पास एक लड़के को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने बाइक सीजी 11-BH-3379 को सावन दास महंत निवासी पोंच के घर से 5-11 2023 की रात चोरी की थी जिसकी रिपोर्ट सावन दास ने 13- 11-2023 को बलौदा थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले में मुखबिर की सूचना पर बाइक बेचने की फिराक में घूम रहे सुनील कौशिक पिता मिल चंद कौशिक निवासी कोसमंदा चांपा को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया है। जब इस चोरी की सूचना बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोवाबंद के कोटवार को हुई तो उसने बलौदा पुलिस को फोन लगाकर बताया कि कोसमंदा चांपा का रहने वाले सुनील कौशिक जो उसके ससुराल कोसमंदा का रहने वाला है, ने एक बाइक जिसका नंबर प्लेट नहीं था, उसके घर में यह कहकर छोड़ा कि कल इसे मैं आकर ले जाऊंगा और ने नहीं बल्कि उसके जब कोटवार को यह पता चला कि उसने बाइक चुराया है तो उसे शंका हुई कि यह बाइक भी चोरी की हो सकती है इसलिए उसने इस मामले की रिपोर्ट लिखवानी चाही परन्तु बलौदा पुलिस ने बाइक रखवाकर कोटवार गोवाबंद को यह कहकर भेज दिया कि यह मामला हम देख लेंगे। निसंदेह यह बाइक भी चोरी की थी जिसे एक अकेले सुनील गिरोह ने न चुराया चुराया था और उसके मालिक का पता उसके चेसिस नंबर से लगाया गया है। इसी तरह दूसरा मामला कोसमंदा चांपा निवासी इतवारी राम कश्यप पिता वेदराम कश्यप का है। इतवारी कश्यप के घर से उनकी बाइक 21.12.2023 को चोरी हो गई थी और वह बाइक बलौदा के पेट्रोल पंप में लावारिस हालत में मिली है। बताया जा रहा है कि यह बाइक भी सुनील कौशिक द्वारा चुराया गया है जो पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। इतवारी राम का कहना है कि उसने यह बात पुलिस को बताई है तो उसने मेरी बाइक जिसका नंबर सीजी- 11-बीई-8290 पल्सर है तो उन्होंने उसे लावारिस बताया और मुझसे गाड़ी के कागजात मंगाये है जबकि यह बात सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हो जायेगी कि इस गाड़ी को भी सुनील कौशिक ने चुराया है। अब इन मामलों से सवाल यह उठता है क्या इन गाडिय़ों को सुनील कौशिक अकेले चुराता रहा होगा जबकि इनमें से एक गाड़ी बिगड़ी हुई अवस्था में थी। निश्चित रूप से गाड़ी चोरी करने वालों का गिरोह है और ये गिरोह न केवल बाइक चोरी कर रहें हैं बल्कि अन्य अपराधों को भी अंजाम दे रहे हैं लेकिन बजाय सुनील कौशिक से कड़ाई से पूछताछ करते और अन्य बड़े अपराधों का पता लगाते, मामला एक बाइक चोरी का बनाकर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। बिना नंबर प्लेट की गाड़ी का पता चेसिस नंबर से लगाया जा सकता है। इस मामले मैं मैं पूरा अपडेट लेकर बताता हूँ। एडिशन एस पी अनिल सोनी


























