
नईदिल्ली, २७ दिसम्बर । सतर्कता निदेशालय को नकली दवाओं से संबंधित टेंडर में भी गड़बड़ी की आशंका है। निदेशालय टेंडर प्रक्रिया की भी जांच करेगा। सूत्रों का कहना है कि टेंडर समाप्त होने पर नकली दवाओं वाली एक कंपनी को छह माह का विस्तार भी दिया गया है। बहरहाल स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज मंगलवार को सतर्कता निदेशालय को सौंप दिए। निदेशालय ने कुछ और जरूरी दस्तावेज स्वास्थ्य विभाग से मांगे हैं। इन दवाओं से संबंधित टेंडर प्रक्रिया और फाइलों को जब्त करने के सतर्कता निदेशाालय ने दो दिन पहले निर्देश दिए थे।सरकारी अस्पतालों मेें आपूर्ति की जाने वाली पांच दवाइयां जांच में नकली मिली हैं। इन दवाओं में मिर्गी और दौरे, पेट में अतिरिक्त एसिड, फेफड़ों में जानलेवा सूजन को ठीक करने वाला स्टेरायड और जोड़ों और शरीर में सूजन को ठीक करने वाली दवाएं शामिल हैं। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में आपूर्ति की गईं नकली दवाओं के मामले में बड़ा घपला सामने आने की आशंका जताई जा रही है। जो कंपनियां ये दवाइयां उपलब्ध करा रही थीं उनमें से एक कंपनी का टेंडर डेढ़ साल की आपूर्ति के लिए था जो गत मार्च में समाप्त हो गया था। उसके बाद इस कंपनी को छह माह का विस्तार दिया गया था।विस्तार किसने दिया और इसका क्या आधार रहा है।इसकी जांच भी होने जा रही है।सूत्रों का कहना है कि इस कंपनी को विस्तार देने में भी अनियमितता की गई है। दस्तावेज मिलने के बाद ही इस बारे में स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में क्या गड़बड़ी हुई है।जांच में एक अहम मुद्दा यह भी सामने आ रहा है दिल्ली स्तर पर दवा खरीदने वाली एजेंसी (सीपीए) द्वारा खरीदी जाने वाली दवाओं के आने वाले हर लाट के नमूनों की जांच का प्रविधान है। नकली दवाओं का प्रकरण सामने आने के बाद यह मुद्दा भी उठ रहा है कि क्या अभी तक नमूनों की जांच नहीं की जा रही थी या फिर इस में भी मिलीभगत की जा रही थी। कौन लोग थे जिनके इशारे पर यह खेल चल रहा था।यह सभी जानकारियां अभी जुटाई जानी हैं। इस मामले में एक ऐसे मामले की भी चर्चा है जिस मालिक की एक कंपनी को केंद्र सरकार को दिल्ली में स्थित एक अस्पताल में दवाओं के हेरफेर में ब्लैकलिस्ट किया गया था।उस मालिक ने एक दूसरी कंपनी बनाकर दिल्ली सरकार में टेंडर ले लिया और दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी और दवाइयों की आपूर्ति कर रहा था।सतर्कता निदेशालय या दिल्ली सरकार के अधिकारी इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।उनका कहना है कि जांच शुरू होने जा रही है।
























