उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ कल पहुचेंगे जम्मू कठुआ के घाटी में बने बायोटेक पार्क का लेंगे जायजा

कठुआ, 0३ जनवरी । उत्तर भारत में गत वर्ष स्थापित हुए पहले कठुआ जिले के घाटी गांव में बायोटेक पार्क का कल यानि 4 जनवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ दौरा करने पहुंचेंगे। उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री डॅा.जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कठुआ जिले में देश के किसी उपराष्ट्रपति का यह पहला दौरा होगा। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बायोटेक पार्क का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद जिले में स्टार्टअप से जुड़े किसानों से भी बातचीत करेंगे। इसके अलावा उन्नत एवं स्टार्टअप किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को भी देखेंगे। आयोजित समारोह को संबोधित भी करेंगे। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर जहां प्रशासनिक तौर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं, वहीं आमलोगों में भी जिले में पहली बार उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। यहां जिले में प्रदेश के साथ उत्तर भारत के पहले बायोटेक पार्क बनने से जम्मू कश्मीर में जैव प्रौद्यौगिकी को बढ़ावा मिलने से एग्रोटेक्निक स्टार्टअप योजना को भी गति मिलने की संभावना है। इसके अलावा यहां के युवाओं को कृषि की नई तकनीक में आगे बढऩे का मौके मिलेंगे। वे अपने उत्पाद का मूल्यांकन कराकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाएंगे।उनके उत्पाद की कीमत बढ़ेगी, जिससे जहां के किसानों को अपनी आमदनी दोगुना करने में मदद मिलेगी। कठुआ जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव घाटी में बायोटेक पार्क गतवर्ष बन कर तैयार हुआ था, जिसका केंद्रीय राज्यमंत्री डॅा.जितेंद्र शुभारंभ कर चुके है। अब यहां पर पार्क बनने से किसानों या कृषि में तकनीक में रुचि रखने वाले युवाओं द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप का उपराष्ट्रपति निरीक्षण करेंगे और लोगों को इससे होने वाले लाभ की जानकारी लेंगे। देश में इस तरह के कुल दस ही पार्क हैं, जिसमें एक कठुआ जिला भी शामिल है। इसका लाभ सिर्फ जम्मू कश्मीर को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब व हिमाचल को भी मिलना है। इस पार्क के बनने से पहले जम्मू कश्मीर में जैव प्रौद्यौगिकी और स्टार्टअप योजना की गति अन्य राज्यों से काफी धीमी है, लेकिन अब इससे तेज होगी। हालांकि, वर्ष 2015 से योजना लागू है, जिसमें स्टार्टअप योजना का सबसे ज्यादा लाभ कनार्टक और मध्यप्रदेश जैसे राज्य लेकर काफी आगे बढ़े हैं।अब इससे जम्मू कश्मीर भी बढऩे की उम्मीद है। प्रदेश में इस समय 3 हजार के करीब स्टार्टअप बन चुके हैं। इस पार्क को कठुआ में स्थापित कराने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस तरह की साइंस टेक्नोलाजी के क्षेत्र में देश में आए दिन नए आयाम बनाने को देखते हुए केंद्रीय मंत्री डॅा.जितेंद्र सिंह के प्रयास रहे हैं। इसी के चलते केंद्रीय मंत्री डॅा.जितेंद्र सिंह ने दावा किया था कि कठुआ जिले के लिए बायोटेक पार्क का निर्माण ऐतिहासिक है। कार्य घाटी में बायोटेक पार्क बनने से कृषि उत्पाद के शोध कार्य होंगे। प्रदेश की बंजर भूमि में पैदा होने वाले औषधीय एवं सुगंधित पौधों की आपार संभावना का लाभ लेते हुए उन पर शोध किया जाएगा। इसके अलावा किसान यहां अपने उत्पाद की गुणवत्ता की जांच कराकर उसका प्रमाणपत्र भी हासिल कर सकेंगे। इससे उनके अच्छे उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी और उसकी अच्छी कीमत भी मिलेगी। इससे किसानों में समृद्धि आएगी। प्रदूषण रहित उद्योग के लिए मिलेगा प्रशिक्षण बायोटेक पार्क में कृषि के अलावा प्रदूषण रहित उद्योग लगाने पर भी शोध किए जाएंगे। उसके बाद ऐसे उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि उद्यमी सक्षम बन सकें। 10 एकड़ भूमि पर इस पार्क को तैयार करने मे 44 करोड़ रुपये की लागत आई है। तीन साल में बनकर यह तैयार हुआ है। घाटी स्थित सिडको कांप्लेक्स में बने पार्क का उद्योगपतियों को भी लाभ मिलेगा। सैकड़ों युवाओं को यहां पर रोजगार भी मिलने की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है।पार्क में कृषि और औद्योगिक उत्पाद का मूल्यांकन एवं गुणवत्ता की जांच करने के लिए आधुनिक लैब स्थापित की गई हैं, जो यहां के उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रमाणपत्र देगी। सबसे अहम पार्क में लैब कई तरह के शोध करने के लिए शिक्षित युवा वैज्ञानिकों को जहां अनुसंधान करने का प्लेटफार्म मिलेगा।

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