
बिश्रामपुर। जिले के हाथियों का उत्पात थमने का नाम नही ले रहा है। शुक्रवार की देर शाम लटोरी सर्किल के कल्याणपुर जंगल मे घुस आए 37 हाथियों के दल ने कल्याणपुर समेत कोटबहरा, अखोराकला व घाघीटिकरा गांव में दर्जनभर किसानों के खेतों में लगी गन्ना, गेहूं व आलू की फसलों को नष्ट कर दिया है। लंबे अरसे से जिले के कई इलाकों में हाथियों का आतंक कायम है। जिले के दूरस्थ चांदनी बिहारपुर इलाके समेत प्रतापपुर, कल्याणपुर, प्रेमनगर आदि इलाको में आए दिन हाथियों का दल उत्पात मचा रहा है। शुक्रवार की रात को सरगुजा के परसा भकुरा जंगल से 37 हाथियों का दल सुरजपुर वन परिक्षेत्र के लटोरी सर्किल अंतर्गत कल्याणपुर जंगल मे घुस आया है। उदयपुर इलाके में उत्पात मचाने के बाद अंबिकापुर के आसपास होते हुए कल्याणपुर जंगल मे घुसे हाथियों के दल ने कल्याणपुर कोटबहरा, अखोराकला, घाघीटिकरा गांव में उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। हाथियों ने शनिवार की रात में कल्याणपुर निवासी ईश्वर सिंह के मकान को क्षतिग्रस्त कर घर मे रखा चावल चट कर दिया। हाथियों की आहट पाकर घर मे सो रहे ईश्वर सिंह ने परिवार के साथ भाग कर जान बचाई। हाथियों ने दो दिन में इस गावों के दर्जन भर किसानों के खेतो में लगी गन्ना समेत गेहूं व आलू की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। जानकारी मिलने पर सुरजपुर रेंजर उमेश वस्त्राकर, डिप्टी रेंजर बाबूलाल सिंह, वन रक्षक कोश प्रसाद राजवाडे, मनोज राजवाडे, देव कुमार व मंजुला नायक की टीम भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश दे रही है कि रात में वे घरों से न निकलें। जंगल मे न जाएं। सजग रहें। 37 हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित है। फसलों के नुकसान से परेशान किसानों का कहना है कि उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई ग्रामीण हाथियो के भय से रात में अन्य गांव में अपने रिश्तेदारों के घर जाकर रात बिताने को मजबूर है। हाथियों के उत्पात से दूरस्थ बिहारपुर इलाके में जंगल से सटे ग्रामों के ग्रामीण दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। महुली कछिया जंगल मे डेरा डाले नौ हाथियों ने इलाके के किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। हाथियों के बहरादेव दल में दो बच्चे भी है। हाथियों का दल किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही ग्रामीणों के घरों को भी क्षतिग्रस्त कर रहा है। इस बार हाथियों ने मोहरसोप गांव में तीन ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया है। बिहारपुर इलाके के ग्राम उमझर समेत रसौकी, मोहरसोप, जुडवनिया, महोली, कछारी, कछिया, कोलुहा, चोंगा, करौटी, परसा, बसनारा, नवडीहा, पासल आदि दर्जनभर से अधिक ग्रामों में जंगली हाथियों के दल ने तांडव मचा रखा है। जंगल के किनारे बसे ग्रामीण शाम होने से पहले ही घरों को छोड़कर आसपास की बस्तियों में परिचितों के घरों अथवा स्कूलों में रात बिताने को मजबूर है। दो दिनो से सूरजपुर वन परिक्षेत्र के कल्याणपुर जंगल में 37 हाथियों के दल ने डेरा डाल रखा है। उन्होंने आसपास के ग्रामों के दर्जन भर किसानों के खेत में लगी फसलों को नष्ट किया है। एक ग्रामीण के घर को भी क्षति पहुंचाई है। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को रात में घर से बाहर नहीं निकलने और जंगल तरफ नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है। वन अमला हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं। हर संभव कोशिश की जा रही है कि हाथी किसी को नुकसान न पहुंचा पाए।






















