ये मैच फिक्सिंग है, पीएम को पता है, शिवसेना विधायकों की अयोग्यता के फैसले पर संजय राउत का तंज

मुंबई, १० जनवरी। शिवसेना विधायकों की अयोग्यता पर आज फैसला आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को अयोग्यता याचिकाओं पर 31 दिसंबर तक फैसला देने के लिए कहा था। इस मामले पर आज शिवसने (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, हमारा कहना है कि इस राज्य के मुख्यमंत्री गैरकानूनी तरीके से सत्ता में बैठे हैं। वे हमारे हिसाब से एक अपराधी हैं आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को न्यायमूर्ति बनाया है। हालांकि , अगर न्यायमूर्ति अपराधी (सीएम) के घर में बार-बार बैठता है तो आप क्या समझोगे। संजय राउत ने आगे कहा,आज फैसला है और देश के प्रधानमंत्री 12 जनवरी को महाराष्ट्र आ रहे हैं इसका मतलब क्या है। अगर आपको पता है कि आज फैसला आने वाला है, संविधान कहता है कि ये सरकार गैरकानूनी है, संविधान के हिसाब से फैसला हो तो सरकार गैरकानूनी हो सकती है और सरकार बर्खास्त हो सकती है फिर भी पीएम यहां आ रहे हैं इसका मतलब पीएम को फैसले के बारे में जानकारी है और मैच फिक्सिंग के बारे में जानकारी है। संजय राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के बीच सांठगांठ हो चुकी है। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने इसे मैच फिक्सिंग करार दिया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आगे कहा, विधानसभा स्पीकर का एक प्रोटोकॉल होता है। अगर विधानसभा स्पीकर एक पीठासीन पद पर बैठे हैं तो अपनी कुर्सी छोड़कर जो आरोपी है, जिनपर हमने याचिका दायर की है उनसे जाकर मुलाकात नहीं कर सकते। फिर वे कहते हैं कि वे फैसला देंगे, यह कौन सा फैसला है यह मैच फिक्सिंग है।संजय राउत ने कहा कि पीएम मोदी महाराष्ट्र आने वाले हैं, क्या उन्हें पता नहीं है कि फैसला आने वाला है। दिल्ली से लेकर यहां तक इस मामले में मैच फिक्सिंग हो रही है। शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में फैसला सुनाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, स्पीकर को इस मामले पर कुछ सप्ताह पहले ही निर्णय ले लेना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक विचार-विमर्श के कारण निर्णय में देरी हुई। उन्होंने आगे कहा,भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस अवसर का उपयोग महाराष्ट्र में नेतृत्व परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए करेगा। यह भाजपा के लिए यह तय करने का समय है कि उनके लोकसभा अभियान का नेतृत्व कौन करेगा। कानूनी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 16 विधायकों द्वारा संविधान की 10वीं अनुसूची का उल्लंघन किया गया है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।

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