
जांजगीर चांपा। चांपा के सिवनी क्षेत्र में छह माह बाद एक बार फिर से कोडिन सिरप का कारोबार शुरू हो चुका है। इससे पहले जुलाई माह में यहां बड़ी तादात में कोडिन सिरप जब्त की गई थी। जिसमें दो तीन आरोपी जेल दाखिल हुए थे। कुछ दिनों तक इनका कारोबार ठप था। इसके बाद फिर से यहां कोडिन सिरप बिकने लगा है। जबकि इसका मास्टरमाइंड अरसद खान अब भी फरार है। जिसे पुलिस नहीं पकड़ पाई है। बता दें कि चांपा सिवनी क्षेत्रों में नशीली टेबलेट व कोडिन सिरप का कारोबार फलफूल रहा है। आलम यह है कि अब तो किराना दुकान के साथ ही घर से भी नशीली सिरप व टेबलेट की बिक्री की जा रही है। नशे के इस कारोबार में आमदनी बेतहाशा है। जिसके चलते लोग रातोंरात अमीर बनने के लिए लोगों को नशे के रूप में धीमा जहर परोसा जा रहा है। बालपुर गांव से जिस तरह नशीली सिरप का जखीरा बरामद हुआ है उससे तय है कि इनका नेटवर्क बड़ा है और पूरे अंचल में नशीली सिरप की सप्लाई हो रही है। चांपा पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारी में हड़कंप मचा था, लेकिन अब फिर वही कारोबार शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि सिवनी में कई कोडिन सिरप के डीलर हैं। पुलिस के द्वारा जब कार्रवाई की गई तब से वह भूमिगत हो चुके थे। इनके द्वारा बाहरी गिरोह के संपर्क में आकर वह बड़ी मात्रा में इन दिनों सिवनी सहित बालपुर, सुखरीकला, दारंग सहित कई गांवों में मोबाइल संपर्क के माध्यम से फल फूल रहा। लोगों को बड़ी आसानी से नशीली सिरप उपलब्ध हो जाने के कारण इसके चपेट में युवा आने लगे हैं। गौरतलब है कि नशीली सिरप को गांव के किराना दुकान और युवाओं के माध्यम से गांव में ही खपाया जाता था। इस कारोबार में कई नए नए युवा व किशोर शामिल होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। कई युवा गांव में घूम-घूमकर मोटरसाइकिल व स्कूटी की डिक्की में रखकर सिरप को मार्केट में परोस रहे हैं। फिलहाल यहां फिर से पुलिसिया कार्रवाई की दरकार है। सामान खपा रहे हैं। इसके लिए बकायदा इन लोगों ने एक टीम भी बना रखी है। जिसमें दर्जनों युवा भी शामिल हैं। इधर, चांपा टीआई मनीष परिहार का कहना है कि मामले में जांच कर कार्रवाई करेंगे।



















