प्रभारी के बिना ही पामगढ़ के एक केन्द्र में करोड़ों की धान की हुई खरीदी, प्रशासन कर रहा मामले की जांच

जांजगीर । कम्प्यूटर ऑपरेटर और चौकीदारी के भरोसे ही यहां करोड़ों की धान खरीदी भी हो चुकी है। बड़ी बात यह है कि किसानों के तौल पत्रक से लेकर उपार्जन केंद्र में धान खरीदी से संबंधित किसी भी दस्तावेजों में खरीदी प्रभारी का हस्ताक्षर ही नहीं है और फिर भी किसानों से खरीदी हो रही है। सारे मामले का खुलासा मंगलवार को तब हुआ जब औचक जांच में यहां पटवारी और ग्राम कोटवार यहां पहुंचे। दरअसल, धान उपार्जन केंद्रों के औचक निरीक्षण के आदेश जिला प्रशासन ने दिए हैं। जिसको लेकर मंगलवार 23 जनवरी की सुबह पटवारी, ग्राम कोटवार श्रवण कुमार चौहान के साथ उपार्जन केंद्र खपरी पहुंचे। यहां केंद्र में भारी अव्यवस्था मिली। पटवारी ने कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा बनाया और सूचना उच्चाधिकारी को दी। इस पर पामगढ़ ब्लॉक के सहकारिता विस्तार अधिकारी जेके टंडन वहां पहुंचे जहां अव्यवस्था की सूचना सही पाई पाई। फिर खरीदी के संबंध में कम्प्यूटर ऑपरेटर रविन्द्र यादव, चौकीदार तीजूराम कश्यप से जानकारी ली गई। रिकार्ड खंगाले गए जहां दस्तावेजों में सभी जगह खरीदी प्रभारी के दस्तखत खाली मिले। यह देखकर अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। दस्तावेज खंगालने में एक आदेश में जहां संस्था के तात्कालिन प्राधिकारी अधिकारी (अशासकीय) के द्वारा चौकीदार को खरीदी प्रभारी बनाने का जिक्र मिल रहा है तो दूसरी ओर अकलतरा शाखा प्रबंधक के द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेटर रविन्द्र यादव को खरीदी प्रभारी बनाने का उल्लेख किया गया है। इधर सहकारिता विस्तार अधिकारी के द्वारा दोनों से बयान लेने पर दोनों ने अब तक खरीदी प्रभारी के आदेश नहीं होने पर दोनों मिल-जुलकर खरीदी करना बताया। बता दें, खपरी उपार्जन केंद्र में लिए नोडल अधिकारी जिला सहकारी बैंक जांजगीर-चांपा के द्वारा 31 अक्टूबर 2023 को जारी आदेश में धीरेन्द्र कौशिक को धान खरीदी प्रभारी व रविन्द्र यादव को कम्पयूटर ऑपरेटर नियुक्त किया गया। परन्तु धीरेन्द्र कौशिक के द्वारा स्वास्थ्यगत कारणों से खरीदी प्रभारी बनने पर असमर्थता जता दी। इस पर संस्था के तात्कालिन प्राधिकारी अधिकारी (अशासकीय) के द्वारा 17.11.2023 को चौकीदार तीजूराम यादव को खरीदी प्रभारी के रूप में अधिकृत करने का आदेश जारी किया। वहीं शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अकलतरा के द्वारा 07.11.2023 को धीरेन्द्र कुमार कौशिक की जगह पर कम्प्यूटर ऑपरेटर रविन्द्र यादव को प्रभारी नियुक्त करने का उल्लेख है। जिससे खरीदी प्रभारी कौन है, यही सस्पेंस बन गया है। जांच में पहुंचे अफसर भी केंद्र का नजारा देखकर दंग रह गए। किसानों से खरीदा गया लाखों का धान बोरों में बिना सीले खुला ही आसमान के तले पड़ा हुआ था। करीब 700 कट्टी धान बोरों में भरकर रखा गया था जिसमें से कई बोरों तक सिलाई तक नहीं हुई थी। इसके बाद भी तिरपाल नहीं ढंका गया था। जबकि सुबह से ही बेमौसम बारिश हो रही थी। जिसके चलते धान भीग रहा है। इतना ही नहीं सीले हुए बोरे भी थे लेकिन वे भी स्टेग में नहीं लगे थे और खरीदी प्रभारी मौके से नदारत थे। अफसरों को देखने के बाद वहां मौजूद कर्मचारी तिरपाल लाने के लिए भाग-दौड़ करते नजर आए और धान को ढंकते दिखे। इसके अलावा जमीन पर रखे धान के बोरों को ही परिवहन के लिए लगे ट्रक में लोड़ करते रहे। वहीं जांच के दौरान पहुंचे अकलतरा शाखा प्रबंधक शरद सिंह भी मौके से चुपके से निकल भागे। वहीं चोरभ_ी संस्था प्रभारी रामशंकर श्रीवास देर शाम पहुंचे। खपरी उपार्जन केंद्र में अव्यवस्था की शिकायत मिली थी। जिस पर सहकारिता विस्तार अधिकारी को जांच के लिए भेजा गया। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। उमेश गुप्ता, उप पंजीयक सहकारी सेवा संस्थाएं

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