केंद्र की योजना का झांसा देकर जालसाजी, छह पर प्राथमिकी

अंबिकापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की फ़ोटो लगाकर शासकीय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। प्रशासनिक जांच में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने छह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी की है।इनमें यूथ क्रांति ग्रुप के डायरेक्टर निर्मल लोहरा,त्रिलोचन सिहं,विजय साहू के अलावा स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले शाखा प्रबंधक विवेक कुमार, क्रेडिट मैनेजर धनराज गिर व कैशियर के विरुद्ध इन्द्रदेव समपाकर शामिल है। यह पहला अवसर है जब प्रशासन ने आयोजन को बंद करवाया बल्कि त्वरित जांच कर वैधानिक कार्रवाई भी कर दी है।
मामला बीते 23 जनवरी 2024 का है। अंबिकापुर के राजमोहिनी देवी भवन में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का फोटोयुक्त बैनर-फ्लेक्स लगाकर धोखाधड़ी की जा रही थी। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने बताया कि शासकीय योजना के संबंध में भाम्रक व मिथ्या जानकारी देकर लोगो को ऋण देने के नाम पर 20प्रतिशत मार्जिन मनी एवं पंजीयन शुल्क के रूप में एक हजार रुपये जमा करवाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना भारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उधम मंत्रालय के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग मुम्बई द्वारा संचालित योजना है। यहां योजना की फर्जी कार्यशाला आयोजित की गई थी। जांच में यूथ कार्पोरेटिव बैक लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर विवेक कुमार निवासी ओवरब्रिज के सामने गांधी मैदान पटना बिहार, क्रेडिट मैनेजर धनराज गिर सोनार गली साहेबगंज झारखण्ड तथा कैशियर इन्द्रदेव समपाकर निवासी सिन्चौरा राजपुर के द्वारा विभागीय योजना पीएमइजीपी की भ्रामक एवं त्रुटीपूर्ण जानकारी देकर आम जन आवेदको से सुरक्षानिधि एवं पंजीयन शुल्क अपने बैंक खाते मे लेना स्वीकार किया। प्रयोजित कार्यक्रम के प्रतिभागियों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके द्वारा पीएमईजीपी योजना हेतु सुरक्षानिधि एवं पंजीयन शुल्क उक्त संगठन को दिया गया है।
तथाकथित कंपनी झारखण्ड में मोनिका देवी विंध्याचल नगर गुमला झारखंड के पते पर पंजीकृत है। कंपनी के तीन डायरेक्टर निर्मल लोहरा, त्रिलोचन सिहं , विजय साहू है। पीएमईजीपी योजना के दिशानिर्देश अनुसार योजनांतर्गत किसी भी प्रकार का पंजीयन शुल्क एवं सुरक्षा निधि जमा का प्रविधान नहीं है। योजनांतर्गत ऋण आवेदन निर्धारित अभिकरणों जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, खादी एग ग्रामोद्योग आयोग तथा कयर बोर्ड के मध्यम प्राप्त किये जाने का प्रविधान है जिसमे हितग्राही को आवेदन शुल्क देय नहीं है एवं बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण राशि पर अधिकतम 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान संबंधित बैंक में हितग्राही के ऋण खाते में जमा करने का प्रविधान है। स्थानीय स्तर पर सीधे-सीधे लोगों से ठगी की गई है। इसी आधार पर प्राथमिकी की गई है।

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